डेली न्यूज़ टाइम्स... ( जिया उल्ला खान )....
बिलासपुर....
अंचल में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करते हुए श्री शिशु भवन हॉस्पिटल, एनबीईएमएस (NBEMS) द्वारा मान्यता प्राप्त डीएनबी संस्थान के रूप में लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। वर्ष 2021 से संचालित यह संस्थान आज क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण मेडिकल एजुकेशन और व्यावहारिक प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
संस्थान की सबसे बड़ी ताकत इसका अनुभवी और समर्पित नेतृत्व है। डायरेक्टर डॉ. श्रीकांत गिरी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में संस्थान निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। वहीं डॉ. पल्लवी श्रीकांत गिरी शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन को मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं, जबकि डॉ. शालिनी शंकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और मार्गदर्शन देने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
संस्थान में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव भी दिया जाता है। इसके लिए अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम—डॉ. रवि द्विवेदी, डॉ. प्रणव अंधारे, डॉ. एम. चंद्राकर, डॉ. सी.बी. देवांगन एवं डॉ. रोशन शुक्ला—निरंतर प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, जिससे विद्यार्थी सक्षम और आत्मविश्वासी चिकित्सक बन सकें।
यह संस्थान अंचल का एकमात्र ऐसा केंद्र है, जहां डीएनबी प्रशिक्षण की सुव्यवस्थित और उच्चस्तरीय सुविधा उपलब्ध है। वर्तमान में यहां कुल 5 सीटें स्वीकृत हैं, जिनमें 2 डीएनबी और 3 डिप्लोमा सीटें शामिल हैं। अब तक 6 विद्यार्थी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होकर चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो संस्थान की गुणवत्ता का प्रमाण है। हाल ही में डॉ. प्रतिभा अग्रवाल और डॉ. पवन पुनासिया की सफलता ने संस्थान की प्रतिष्ठा को और बढ़ाया है।
संस्थान से पूर्व में उत्तीर्ण विद्यार्थियों में डॉ. मोनिका जायसवाल, डॉ. आदित्य गौर, डॉ. मधुराधा और डॉ. काजल नाथानी शामिल हैं, जो आज चिकित्सा क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं।
अस्पताल में अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और प्रशिक्षित चिकित्सकों की टीम मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है। साथ ही डीएनबी विद्यार्थियों के लिए नियमित कक्षाएं, सेमिनार और शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिससे उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
श्री शिशु भवन हॉस्पिटल का यह प्रयास न केवल चिकित्सा शिक्षा को मजबूती दे रहा है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी एक सकारात्मक बदलाव ला रहा है। यह संस्थान पूरे अंचल के लिए प्रेरणा बनकर नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।