डेली न्यूज़ टाइम्स...( जिया उल्ला खान )..
जिला जीपीएम...
नगर के पेंड्रा रोड स्थित अंजुमन इस्लामिया जमा मस्जिद कमेटी ने क्षेत्र की शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर थाना प्रभारी गौरेला को ज्ञापन सौंपते हुए कुछ व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कमेटी ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से बाहरी लोगों को बुलाकर क्षेत्र में सामाजिक तनाव का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद नफीस के नेतृत्व में उपाध्यक्ष अब्दुल समद, सचिव मोहम्मद जकरिया, सदस्य आमिर अली सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग थाना पहुंचे और पुलिस प्रशासन को आवेदन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मौलाना शहाबुद्दीन, मोहम्मद उमर, असजद और मोहम्मद यासर द्वारा पेंड्रा क्षेत्र से आकर गौरेला में विवाद की स्थिति उत्पन्न की जा रही है और समाज में अनावश्यक तनाव फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
कमेटी ने “दारुल कज़ा” संस्था को लेकर भी विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया है। आवेदन में बताया गया कि यह संस्था पहले जमा मस्जिद गौरेला में संचालित होती थी, लेकिन करीब छह महीने पहले काजी मोहम्मद ज़ुल्केरनैन के चले जाने के बाद परिस्थितियां बदल गईं। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा संस्था के नाम पर विवाद बढ़ाने और समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाहरी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से लोगों को बुलाकर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। कमेटी के सदस्यों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
अंजुमन कमेटी ने अपने आवेदन में 15 अगस्त 2024 की उस घटना का भी जिक्र किया है, जिसमें जिला अस्पताल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में कथित रूप से प्रतिबंधित दिन पर मांसाहारी भोजन वितरण करने के मामले में पुलिस कार्रवाई हुई थी। कमेटी का आरोप है कि संबंधित लोग लगातार समाज के नाम पर विवादित और नियम विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं, जिसकी शिकायत पहले भी की जा चुकी है।
समाज के प्रतिनिधियों ने थाना प्रभारी से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों की होगी।