डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान...
जांजगीर-चांपा....
अपराधों की रोकथाम और सामाजिक सुधार की दिशा में जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक अनूठा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के अभिनव प्रयास से शुरू किया जा रहा “ऑपरेशन शिक्षा उपहार” जिले में शिक्षा और समाज को जोड़ने वाली एक प्रेरणादायक पहल बनकर उभर रहा है।
मुख्य उद्देश्य: ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना
इस योजना का लक्ष्य उन बच्चों को फिर से शिक्षा की राह पर लाना है, जिन्होंने किसी कारणवश स्कूल या कॉलेज छोड़ दिया है। इसके लिए जिले के सभी प्रमुख कॉलेजों—जांजगीर, चांपा, अकलतरा, शिवरीनारायण, पामगढ़ और बलौदा—के प्रिंसिपलों एवं प्रोफेसरों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई।
कैसे होगा अभियान
- प्रत्येक शिक्षण संस्थान अपने क्षेत्र में ऐसे बच्चों की पहचान के लिए सर्वे करेगा।
- बच्चों का बायोडाटा तैयार किया जाएगा और उसे जिला प्रशासन से साझा किया जाएगा।
- इसके बाद कलेक्टर और विभिन्न विभागों—शिक्षा, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास—के सहयोग से बच्चों का पुनर्वास किया जाएगा।
- पुलिस की विशेष टीम द्वारा उनकी काउंसलिंग और मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाएगी।
किन बच्चों पर रहेगा फोकस
यह अभियान विशेष रूप से उन बच्चों पर केंद्रित रहेगा—
- जो आर्थिक या पारिवारिक कारणों से पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
- जो शिक्षा में कमजोर हैं लेकिन खेल, कला या संगीत में निपुण हैं।
- जो गलत संगत या नशे की प्रवृत्ति के कारण गलत रास्ते पर चले गए हैं।
इन बच्चों को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत कर, उनके लिए उपयुक्त सहायता और शिक्षा पुनः प्रारंभ करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
अपराध रोकथाम का सामाजिक मॉडल
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बताया—
“हमारा उद्देश्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि युवाओं को अपराध की ओर जाने से पहले सही दिशा दिखाना है। शिक्षा ही सबसे सशक्त माध्यम है जिससे समाज में स्थायी शांति और अनुशासन कायम रह सकता है।”
समाज से अपील
जिले के नागरिकों, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से अपील की गई है कि वे “ऑपरेशन शिक्षा उपहार” में सक्रिय रूप से भाग लें।
यह अभियान न केवल अपराध नियंत्रण में सहायक होगा, बल्कि सैकड़ों बच्चों को नई जिंदगी और बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करेगा।