डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान...
बिलासपुर...
मस्तूरी गोलीकांड मामले में बिलासपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में पुलिस ने षड्यंत्र में शामिल दो अन्य आरोपियों — देवेश सुमन उर्फ निक्कु सुमन और अकबर खान को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक कुल 9 आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं।
पुलिस ने बताया कि गोलीकांड के पीछे आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई प्रमुख कारण थी। मस्तूरी निवासी नितेश सिंह और आरोपी विश्वजीत अनंत के बीच जमीन और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
घटना 28 अक्टूबर 2025 की है, जब आरोपियों ने मस्तूरी जनपद पंचायत कार्यालय के सामने नितेश सिंह और उसके साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में राजू सिंह और चंद्रभान सिंह घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने 24 घंटे के भीतर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि लगातार चल रही जांच में अब दो और आरोपी पकड़े गए हैं।
आज गिरफ्तार आरोपी:
- देवेश सुमन उर्फ निक्कु सुमन (24 वर्ष) — ग्राम मोहतरा, थाना मस्तूरी।
- अकबर खान (53 वर्ष) — शिव विहार, मोपका चौक, थाना सरकंडा।
अब तक कुल जब्त सामग्री:
- 3 देशी पिस्टल
- 2 देशी कट्टा
- 6 मैगजीन
- 5 जिंदा कारतूस
- 13 खाली खोखे
- 5 मोबाइल फोन
पुलिस ने बताया कि 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की गई। इसके अलावा, पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर एक देशी पिस्टल, एक देशी कट्टा और एक कारतूस भी बरामद किया गया है।
मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि कई आरोपी पूर्व में गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं। इसलिए पुलिस ने इस मामले में धारा 111 बी.एन.एस. (संगठित अपराध) भी जोड़ दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि “शहर में संगठित अपराध के किसी भी रूप को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”