निगम की एकतरफा कार्रवाई पर सवाल: सरकंडा में कबाड़ ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्यवाही, बाकी क्षेत्रों में चुप्पी क्यों?

डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान.....
बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम द्वारा सरकंडा थाना क्षेत्र में कबाड़ ठिकानों पर की गई कार्रवाई ने शहरभर में चर्चा का विषय बना दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरे शहर में कबाड़ का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है, तो कार्रवाई सिर्फ सरकंडा क्षेत्र तक ही सीमित क्यों रही?

जानकारी के अनुसार, आज सुबह नगर निगम और प्रशासनिक टीम ने सरकंडा इलाके के कई कबाड़ी ठिकानों पर कार्यवाही की। इस दौरान कई स्थानों से कबाड़ जब्त किया गया और कुछ अस्थायी ढांचे भी हटाए गए। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान निगम कर्मचारियों ने पारदर्शिता का पालन नहीं किया।

सूत्रों के अनुसार, अतिक्रमण दल और निगम कर्मचारियों ने एक स्थान से उठाए गए कबाड़ को शहर के ही दूसरे कबाड़ियों को बेच दिया। इस खुलासे ने पूरे अभियान की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई दिवाली जैसे त्यौहार के समय गरीब मजदूरों की रोज़ी-रोटी छीनने जैसा है। कबाड़ की दुकानों में काम करने वाले कई मजदूर अब रोज़गार से वंचित हो गए हैं।

लोगों का यह भी कहना है कि शहर के अन्य क्षेत्रों — जैसे चकरभाठा, बिल्हा, कोनी और तखतपुर मार्ग पर — कबाड़ का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है, पर वहां निगम और प्रशासन की टीम अब तक नहीं पहुंची। ऐसे में सिर्फ सरकंडा को निशाना बनाए जाने पर निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन पूरे जिले में समान रूप से कार्रवाई करे ताकि किसी क्षेत्र या वर्ग के साथ भेदभाव न हो। साथ ही निगम से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि वह कार्रवाई की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर सामने लाए, ताकि किसी पर भी अनैतिक लाभ या पक्षपात के आरोप न लगें।

Post a Comment

Previous Post Next Post