डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान...
बिलासपुर...
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का दो घंटे का चक्काजाम सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक जनसंकल्प में बदल गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के खिलाफ सोमवार को कांग्रेसियों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। बिलासपुर में पेंड्रीडीह बायपास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो घंटे तक सड़क जाम रखी, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
चक्काजाम आंदोलन में ज़िला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार भागीदारी की। आंदोलन की अगुवाई बिलासपुर विधायक अटल श्रीवास्तव, कोटा विधायक दिलीप लहरिया और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडे ने की।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। डॉ. महंत ने कहा कि कांग्रेस किसी भी परिस्थिति में न तो डरेगी और न ही झुकेगी। भाजपा सरकार ईडी और आईटी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेताओं को फंसाने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने तानाशाही रवैये से कांग्रेसियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस सड़क से सदन तक हर मोर्चे पर इसका जवाब देगी।
कोटा विधायक एवं आंदोलन प्रभारी अटल श्रीवास्तव ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की अस्मिता की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अडानी के साथ मिलकर प्रदेश के गरीबों और किसानों का हक छीना है। आने वाले समय में कांग्रेस सत्ता में लौटेगी और गरीबों को उजाड़कर बनाई गई अडानी की संपत्ति, गरीबों को लौटाई जाएगी।
इस विरोध प्रदर्शन में रश्मि आशीष सिंह, सियाराम कौशिक, शैलेष पांडे, पूर्व महापौर रामशरण यादव, प्रमोद नायक, पूर्व मंडी अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला, कांग्रेस प्रवक्ता ऋषि पांडे, जावेद मेमन, देवेन्द्र सिंह, रंजीत सिंह, महेन्द्र गंगोत्री, सीमा घृतेश, जितेन्द्र पांडे, बिरझेराम सिंगरौल समेत हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
चक्काजाम आंदोलन ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस अब चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में है। बिलासपुर से उठी कांग्रेस की यह आवाज अब पूरे प्रदेश में गूंज रही है। कार्यकर्ताओं का जोश और नेतृत्व की दृढ़ता ने इस आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती दी है। कांग्रेस ने संकेत दे दिया है कि राजनीतिक दमन के खिलाफ संघर्ष और तेज होगा।