डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान...
रायपुर.....
📍 रायपुर पुलिस की साइबर यूनिट की बड़ी कार्रवाई, देशभर में फैला था फर्जी कंपनियों का नेटवर्क
🔹 मुख्य बिंदु:
- आमासिवनी निवासी महिला से की गई 2.83 करोड़ रुपये की साइबर ठगी
- खुद को दिल्ली साइबर विंग बताकर किया गया डिजिटल अरेस्ट
- व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए डराकर खाते से कराए पैसे ट्रांसफर
- यूपी के गोरखपुर और लखनऊ से 5 अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार
- आरोपियों ने बनाई थी 40 से अधिक फर्जी कंपनियां
- 43 लाख रुपये की ठगी रकम आरोपियों के खातों में होल्ड
- मोबाइल, सिम, चेकबुक व बैंक दस्तावेज जब्त
- अन्य आरोपी फरार, संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी जारी
📝 पूरी खबर:
रायपुर। थाना विधानसभा क्षेत्र की आमासिवनी निवासी महिला सोनिया हंसपाल के साथ साइबर ठगों ने चौंकाने वाली घटना को अंजाम दिया। अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल कर आरोपियों ने खुद को दिल्ली साइबर विंग का अफसर बताते हुए महिला को डिजिटल अरेस्ट में रखा और उसे डराकर 21 मई से 10 जुलाई 2025 के बीच 2.83 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।
महिला की रिपोर्ट के आधार पर थाना विधानसभा में अपराध क्रमांक 345/25, धारा 318(4), 3(5) बी.एन.एस. के तहत अपराध दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत तत्काल कार्रवाई शुरू की।
रेंज साइबर थाना, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और विधानसभा पुलिस की संयुक्त टीम ने गहन तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जांच कर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और लखनऊ में दबिश दी, जहां से 5 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
👤 गिरफ्तार आरोपी:
- आकाश साहू, 24 वर्ष, गोरखपुर
- शेर बहादुर सिंह उर्फ मोनू, 29 वर्ष, गोरखपुर
- अनूप मिश्रा, 48 वर्ष, लखनऊ
- नवीन मिश्रा, 41 वर्ष, लखनऊ
- आनंद कुमार सिंह, 35 वर्ष, देवरिया
🔍 ठगी का तरीका:
आकाश और शेर बहादुर द्वारा मोबाइल सिम से वीडियो कॉलिंग कर शिकार को डिजिटल अरेस्ट में डाला जाता था। वहीं, अनुप, नवीन और आनंद ने फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खातों में ठगी की रकम डलवाकर कैश निकासी का काम किया।
इनकी बनाई प्रमुख फर्जी कंपनियों में शामिल हैं:
- श्री नारायणी इंफ्रा डेवलपर प्रा. लि.
- श्री गणेशा डेवलपर्स
- अर्बन एज इंफ्रा बिल्डकॉम
- पावन धरा इंफ्रा बिल्डकॉम
- स्नो हाइट्स कंस्ट्रक्शन
- आनंद ट्रेडर्स
आरोपी आनंद कुमार सिंह, देवरिया में PNB ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन भी करता है।
🧾 जब्त सामान और पुलिस की कार्रवाई:
- मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज, चेक बुक आदि
- 43 लाख रुपये की ठगी की रकम होल्ड
- अन्य फरार आरोपियों की तलाश और गिरोह की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई जारी
🗣️ पुलिस का बयान:
“यह गिरोह पूरे देश में ठगी की वारदातों को अंजाम देता रहा है। इनके खिलाफ और भी मामलों की जांच जारी है। कुल 40 से अधिक फर्जी कंपनियों का सुराग मिला है। जल्द ही इनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।