डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान....
जिला जीपीएम...
ग्राम पंचायत गोरखपुर के बेलगहना मोहल्ला में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही से एक मासूम बच्चे की जान पर बन आई। बिजली कर्मचारियों द्वारा चालू मेन लाइन का तार काटकर छोड़ दिया गया था, जिससे एक मासूम बच्चा उसे छू बैठा और करंट की चपेट में आ गया। गनीमत रही कि गांव के सलीम नामक युवक ने अपनी सूझ-बूझ से लकड़ी के डंडे से बच्चे को अलग कर दिया, जिससे उसकी जान बच पाई।
घटना की जानकारी मिलते ही इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के लाइनमेन को पूर्व में ही चेताया गया था कि चालू तार न छोड़े, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया।
घटना के बाद बच्चे को गंभीर हालत में पहले स्थानीय अस्पताल और फिर सेनेटोरियम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
इदरीस अंसारी ने बिजली विभाग के D.E. को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि मौके पर विभाग का एक स्थायी कर्मचारी मौजूद था, जो नीचे खड़ा होकर तीन ठेका श्रमिकों से कार्य करा रहा था। यह घटना एक गहरी साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है, जिसकी निर्दलीय जांच होनी चाहिए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि ठेके पर काम कर रहे सभी मजदूरों की जानकारी सार्वजनिक की जाए और शासन के नियमानुसार मजदूरों की नियुक्ति की वैधता की जांच की जाए।
👉 इंटक अध्यक्ष ने तीन दिन के भीतर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रशासन निष्क्रिय रहा तो इंटक परिवार गांववासियों के साथ बिजली विभाग का घेराव करेगा।
इस मौके पर मासूम की जान बचाने वाले सलीम का परिवारजनों ने सम्मान करते हुए ₹1100 का चेक सौंपा और आभार प्रकट किया।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से
🔹 इदरीस अंसारी (जिला अध्यक्ष – इंटक)
🔹 अशोक शर्मा
🔹 राकेश पुरी
🔹 ओमकार पाण्डेय
🔹 मदन मोहन
🔹 गोमति पुरी
🔹 धनकुंवर
🔹 दुर्गा पेड्रो
तथा इंटक परिवार के कई सदस्य उपस्थित थे।
📝 इंटक ने पीड़ित बच्चे के इलाज हेतु शासन से मुआवज़ा प्रदान करने की भी मांग रखी है।