भाजपा पार्षद की दबंगई: निजी ज़मीन पर खंभे उखाड़े, ज़मीन मालिक को दी जान से मारने की धमकी

डेली न्यूज़ टाइम्स... मोहम्मद शाकिब खान की रिपोर्ट

गौरैला, 
गौरैला में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ भाजपा पार्षद मनोज विश्वकर्मा पर ज़मीन पर कब्ज़ा करने की नीयत से तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। यह मामला अब पुलिस थाने तक पहुँच चुका है और स्थानीय लोगों में रोष और भय का माहौल है।


क्या है पूरा मामला?

घटना मंगलवार 3 जून की सुबह की है। प्रार्थी आदित्य केशरी जब अपनी निजी ज़मीन (स्थान – गौरैला) पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि उनकी ज़मीन पर लगाए गए 11 खंभे उखाड़ दिए गए हैं। यह खंभे उन्होंने अपनी ज़मीन की सीमा निर्धारण के लिए लगवाए थे।

तभी वहाँ पर स्थानीय भाजपा पार्षद मनोज विश्वकर्मा अपने भाईयों और कुछ अन्य लोगों के साथ पहुँचे और कथित रूप से गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी देने लगे।

"मेरा शासन काल है, जो उखाड़ना है उखाड़ लेना" — मनोज विश्वकर्मा

प्रार्थी आदित्य के अनुसार, पार्षद ने धमकी भरे लहजे में कहा,

"ये मेरा शासन काल है, जो उखाड़ना है उखाड़ लेना।"

इस तरह की भाषा और व्यवहार ने न सिर्फ आदित्य बल्कि आसपास के लोगों को भी भयभीत कर दिया।

पुलिस में शिकायत दर्ज, अब सबकी निगाहें कार्यवाही पर

इस मामले की प्रार्थी आदित्य केशरी और ऋषब केशरी ने लिखित शिकायत गौरैला थाने में दर्ज कराई गई है।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच करेगा या फिर यह मामला भी कागज़ों में दबकर रह जाएगा?

स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भाजपा पार्षद की दबंगई और प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर नाराज़गी देखने को मिल रही है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि अगर एक आम नागरिक की ज़मीन भी सुरक्षित नहीं है, तो न्याय की उम्मीद कहाँ से करें?


अगर पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती है, तो यह कानून व्यवस्था और लोकतंत्र दोनों के लिए एक खतरे की घंटी होगी।

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