जीपीएम से मोहम्मद शाकिब खान की रिपोर्ट...
पेंड्रारोड, डेली न्यूज टाइम्स
ग्राम पंचायत बरवासन के ग्रामीण पिछले दो वर्षों से गांव के मध्य संचालित एक पोल्ट्री फार्म से फैली दुर्गंध और बीमारी के खतरे से परेशान हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद जब प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच और पंचों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिला कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा रखी।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बीच नूरुल नामक व्यक्ति द्वारा पोल्ट्री फार्म चलाया जा रहा है, जिसकी बदबू से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। खाना बनाते और खाते समय मक्खियों की भरमार हो जाती है। यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है।
इस मामले में ग्राम पंचायत पहले ही जिला कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पेंड्रारोड को लिखित शिकायत दे चुकी है, लेकिन दो वर्षों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया
जिला कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों से इंटक अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने पूरी जानकारी ली और तत्काल अपनी टीम को मौके पर भेजा। टीम ने पोल्ट्री फार्म की स्थिति के फोटो और वीडियो भेजे, जिसे देखकर अंसारी ने भी माना कि गांव के बीच पोल्ट्री फार्म का संचालन स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "जब बस्ती के बीच पोल्ट्री फार्म है और शिकायतें स्पष्ट हैं, तो कलेक्टर और एसडीएम ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या प्रशासन किसी बड़ी बीमारी के फैलने का इंतज़ार कर रहा है?"
उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि अब भी प्रशासन मौन रहा तो इंटक परिवार अगली रणनीति बनाकर कार्रवाई के लिए बाध्य करेगा।
इंटक कार्यालय बना उम्मीद का केंद्र
यह पहला मौका नहीं जब कोई शिकायत इंटक कार्यालय लाई गई हो। इदरीस अंसारी पिछले सात वर्षों से मजदूर, किसान, श्रमिक और आदिवासी वर्ग की समस्याओं के निराकरण के लिए सक्रिय हैं। रोज़ाना दूर-दराज से लोग अपनी शिकायत लेकर यहां आते हैं और संगठन द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाती है।
संवाददाता से हुई बातचीत में अंसारी ने कहा:
"मैं काम में विश्वास रखता हूं, नाम अपने आप बनता है। जो भी शिकायत लेकर आता है, उसे सदस्यता लेकर अपनी बात रखने का मंच दिया जाता है। अच्छे काम के लिए समर्थन की कोई कमी नहीं होती।"
जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस संगठन की मुख्यधारा में वे क्यों सक्रिय नहीं दिखते, तो उन्होंने जवाब दिया:
"इंटक कांग्रेस का ही हिस्सा है। मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे ईमानदारी से निभा रहा हूं। इस जिले में इंटक को पहचान दिलाने के पीछे सिर्फ़ मेरा काम है, पद की इच्छा नहीं।"
शिकायत दर्ज कराने पहुंचे प्रमुख लोगों में शामिल थे:
सरपंच मोहर सिंह, उपसरपंच सरूप सिंह, पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण।
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