डेली न्यूज़ टाइम्स.. जिया उल्ला खान.....
जांजगीर-चांपा, – जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस ने खनिज विभाग के साथ मिलकर अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई ग्राम करही (थाना बिर्रा, जिला सक्ती) के महानदी रेत घाट पर की गई, जहां लंबे समय से रेत माफिया अवैध उत्खनन में लिप्त थे और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में बड़े पैमाने पर रेत की तस्करी कर शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे थे।
रेत घाट पर लगातार हो रही थी अवैध तस्करी
पुलिस को सूचना मिली थी कि करही गांव के पास महानदी में अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर उसे छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने 30 मई और 2 जून को दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान:
- 1 नग VOLVO कंपनी की चैन माउंटेन मशीन
- 2 नग TATA HITACHI कंपनी की चैन माउंटेन मशीनें
- 3 नग HYUNDAI कंपनी की चैन माउंटेन मशीनें
को जब्त कर सील कर दिया गया था। इन मशीनों का उपयोग अवैध रेत उत्खनन के लिए किया जा रहा था।
रेत माफियाओं ने फिर तोड़ा सील, शुरू किया उत्खनन
रेत माफियाओं ने प्रशासन की चेतावनियों की परवाह न करते हुए जब्त की गई मशीनों का सील तोड़ दिया और पुनः उसी स्थान पर बेखौफ होकर रेत का उत्खनन शुरू कर दिया। इस दुस्साहसिक कदम से शासन को दोबारा भारी वित्तीय क्षति हुई।
पुलिस ने इस मामले में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और विस्तृत विवेचना जारी है।
बिलासपुर में कार्रवाई की प्रतीक्षा
इस बीच, यह सवाल उठने लगा है कि जब जांजगीर-चांपा जैसे जिले में इतनी बड़ी कार्रवाई संभव हो रही है, तो बिलासपुर, जहां रेत माफिया वर्षों से सक्रिय हैं, वहां अब तक ऐसी कोई सख्त कार्यवाही क्यों नहीं की गई?
क्या प्रशासन की पकड़ से बिलासपुर के रेत माफिया बाहर हैं? क्या स्थानीय तंत्र की मिलीभगत के कारण ऐसे माफिया बेखौफ हैं?
अब नजरें टिकी हैं बिलासपुर पर
जांजगीर-चांपा पुलिस की इस कार्रवाई ने प्रदेशभर में एक सख्त संदेश जरूर भेजा है। अब देखना होगा कि बिलासपुर में प्रशासन कब नींद से जागेगा और अवैध रेत खनन पर शिकंजा कसेगा।