डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान...
बालोद,
मानपुर रोड स्थित बजरंग बली मंदिर के पास स्कूटी सवार दो महिलाओं के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना ने एक सनसनीखेज खुलासे का रूप ले लिया। प्रारंभ में हादसे के रूप में सामने आई यह घटना दरअसल एक पूर्व नियोजित हत्या थी, जिसमें मृतका के पति शीशपाल वासनिक ने अपने दोस्त कयामुद्दीन के साथ मिलकर साजिश रची थी।
घटना का विवरण
22 मार्च 2025 को लगभग 4:15 बजे दो महिलाएं स्कूटी से गिरकर घायल हो गईं थीं। उन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से शासकीय अस्पताल चिखलाकसा लाया गया, जहां बरखा वासनिक नामक महिला को मृत घोषित कर दिया गया जबकि दूसरी महिला मथुरा मंडावी घायल अवस्था में पाई गई। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर राजहरा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य:
- स्कूली बच्चों के बयान के अनुसार एक सफेद बोलेरो सवार व्यक्ति घटना के पहले स्कूल छूटने के समय और मृतका के बारे में जानकारी लेता देखा गया था।
- तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज की जांच से पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंचने में मदद मिली।
- पूछताछ में आरोपी कयामुद्दीन ने खुलासा किया कि वह इस हत्या में बरखा वासनिक के पति शीशपाल वासनिक के कहने पर शामिल हुआ था।
हत्या की योजना और करित
- शीशपाल वासनिक, जो कि विद्युत विभाग में सहायक अभियंता है, और बरखा वासनिक की शादी 2016 में हुई थी। उनके दो बच्चे हैं।
- शादी के बाद से ही दोनों के बीच घरेलू कलह चलते रहते थे। पत्नी अधिकतर मायके में बच्चों के साथ रहती थी और पति के पास वापस नहीं जाना चाहती थी।
- इसी कारण शीशपाल ने पत्नी की हत्या की योजना बनाई। उसने यूट्यूब पर क्राइम स्टोरी और पुलिस जांच से बचने से संबंधित कई वीडियो देखकर रणनीति बनाई।
- हत्या के लिए उसने कयामुद्दीन को ₹60,000 में तैयार किया और 21 मार्च को ही मोबाइल कॉल्स की एक सूची बनाकर अपने विभाग के स्वीपर राहुल रात्रे को दे दी।
- मोबाइल लोकेशन को छिपाने के लिए शीशपाल ने अपना फोन दुर्ग में रखवा दिया और अलग-अलग समय पर कॉल करवाने की योजना बनाई ताकि उसका लोकेशन दुर्ग में ही दिखे।
हत्या के दिन क्या हुआ
- 22 मार्च की सुबह शीशपाल और कयामुद्दीन बोलेरो से बिना नंबर प्लेट के दुर्ग से निकले और मानपुर रोड पर रेकी की।
- शेरपार स्कूल और आसपास के इलाकों में जाकर स्कूल के समय और मृतका की जानकारी जुटाई।
- 4:00 बजे के करीब स्कूली छुट्टी के समय दोनों बोलेरो में स्कूटी का पीछा करते हुए ग्राम हितकसा के पास पहुंचे।
- स्कूटी को जानबूझकर पीछे से टक्कर मारी गई जिससे बरखा और मथुरा गिर पड़ीं।
- इसके बाद शीशपाल ने गाड़ी रोककर लोहे की रॉड से बरखा वासनिक पर सिर और पीठ में वार किए और मौके से फरार हो गया। रॉड को पास ही पुलिया के नीचे फेंक दिया गया।
सबूत और गिरफ्तारी:
- पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, बोलेरो वाहन, मोबाइल कॉल सूची, और दोनों आरोपियों के मोबाइल जब्त किए हैं।
- शीशपाल के मोबाइल की यूट्यूब हिस्ट्री से यह पुष्टि हुई कि उसने हत्या की योजना बनाने के लिए कई क्राइम स्टोरी और इन्वेस्टिगेशन से बचने के वीडियो देखे थे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।