दिनांक 15 अप्रैल 2025 की रात, बिलासपुर के कस्तूरबा नगर स्थित वाल्मिकी गुरुद्वारे में अज्ञात चोरों द्वारा चैनल गेट और दरवाजे का ताला तोड़कर दानपेटी, तीन बड़ी कृपाण, एक छोटी कृपाण और दानपेटी में रखी गई नकदी राशि लगभग ₹22,000 चोरी कर ली गई।
इस संबंध में प्रार्थी हरप्रीत सिंह (उम्र 19 वर्ष), निवासी कस्तूरबा नगर, ने 16 अप्रैल 2025 को थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच की गई। साथ ही मुखबिर सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया।
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों की पहचान के आधार पर आरोपी आशीष लाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सघन पूछताछ में उसने अपने दो अन्य साथियों – मानस उर्फ सोनू सिंह और अविनाश उर्फ बंटी रात्रे – के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की।
तीनों आरोपियों को 22 मई 2025 को विधिवत गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपी –
- मानस उर्फ सोनू सिंह, पिता – अश्वनी सिंह सूर्यवंशी, उम्र – 22 वर्ष, निवासी – मंदिर चौक, डल्ला गली के पीछे, ओमनगर
- आशीष लाल, पिता – लहरी लाल (ईसाई), उम्र – 22 वर्ष, निवासी – कुम्हार पारा, राजीव गांधी चौक, जरहाभाठा
- अविनाश उर्फ बंटी रात्रे, पिता – राजेश रात्रे, उम्र – 19 वर्ष, निवासी – शिवनाथ मार्ग, जरहाभाठा
बरामद सामग्री –
- एक लोहे की रॉड (चोरी में प्रयुक्त)
- तीन कृपाण (तलवारें)
- एक मारुति 800 कार (वाहन क्र. CG-10 ZD-0959) जो चोरी की रकम से खरीदी गई थी
पुलिस द्वारा की गई त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल चोरी का पर्दाफाश हुआ, बल्कि धार्मिक स्थल की प्रतिष्ठा और जनभावना की रक्षा भी सुनिश्चित की गई। मामले की विवेचना जारी है।