डेली न्यूज़ टाइम्स.. ( जिया उल्ला खान )..
बिलासपुर- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्थानीय प्रथम अस्पताल में द आर्ट ऑफ लिविंग छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में विशेष योग शिविर एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम "स्वयं और समाज के लिए योग" (Yoga for Self and Society) के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में अस्पताल के कंसल्टेंट चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, प्रबंधन एवं कर्मचारियों के साथ द आर्ट ऑफ लिविंग के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अनुभवी योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, सूक्ष्म व्यायाम एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। इस दौरान नियमित योग के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की जानकारी भी दी गई।
अस्पताल परिसर में आयोजित इस शिविर के दौरान लकवा (पैरालिसिस), मिर्गी, मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं आंखों की देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सूचना पट्टों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी बढ़ाई गई। उपस्थित सभी लोगों ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. रजनीश पांडेय ने कहा कि, "योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक तनाव को कम कर जीवन में सकारात्मकता और संतुलन का संचार करता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन हम सभी को स्वास्थ्य के प्रति निरंतर सजग रहने की प्रेरणा देता है।
" डॉ. रजनीश पाण्डेय ने कहा– 'विश्व को भारत ने दिया योग का अमूल्य उपहार'"
पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण, ऊर्जावान एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रजनीश पांडेय एवं डॉ. वाई. एस. परिहार ने शिविर में उपस्थित सभी प्रतिभागियों, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा द आर्ट ऑफ लिविंग के स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।