डेली न्यूज़ टाइम्स... ( जिया उल्ला खान )...
बिलासपुर। पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज की गई कथित दुर्भावनापूर्ण एफआईआर के विरोध में 19 जून को आयोजित सांकेतिक धरना-प्रदर्शन पत्रकार एकता, प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। बिलासपुर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने एकजुट होकर इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा पत्रकार सुरक्षा के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की।
धरना-प्रदर्शन में बिलासपुर शहर के अलावा मस्तूरी, सीपत, पचपेड़ी, सकरी, कोटा, तखतपुर, चकरभाठा, बिल्हा एवं जिले के अन्य क्षेत्रों से पहुंचे पत्रकार साथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पत्रकारों की इस अभूतपूर्व एकजुटता ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि प्रेस की स्वतंत्रता पर किसी भी प्रकार के दबाव या दमनकारी कार्रवाई को पत्रकार समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और पत्रकारों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई न केवल मीडिया जगत बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सत्य को सामने लाने और जनहित के मुद्दों को उठाने वाले पत्रकारों की आवाज दबाने का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा।
धरना-प्रदर्शन में शामिल वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने एक स्वर में पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता पर बल दिया तथा निष्पक्ष पत्रकारिता के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विभिन्न मीडिया संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी समर्थन व्यक्त करते हुए पत्रकार हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी वरिष्ठ, युवा और साथी पत्रकारों, मीडिया संगठनों तथा सामाजिक संगठनों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की यह एकता भविष्य में भी लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनहित के मुद्दों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी।
धरना-प्रदर्शन के समापन पर पत्रकार साथियों ने एकजुटता का संकल्प दोहराते हुए “पत्रकार एकता जिंदाबाद” और “लोकतंत्र जिंदाबाद” के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन किया।