“स्कूल या कारोबार?” — सेंट जेवियर्स पर अभिभावकों से ‘वसूली सिस्टम’ चलाने के आरोप, यूनिफॉर्म दुकान सील

डेली न्यूज़ टाइम्स... ( जिया उल्ला खान )......

बिलासपुर। शहर के प्रतिष्ठित निजी स्कूल सेंट जेवियर्स एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला अभिभावकों पर यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए कथित दबाव बनाने और उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क का है। शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापार विहार स्थित स्कूल से जुड़ी बताई जा रही यूनिफॉर्म दुकान ‘ट्रेडर्स एजेंसी’ को सील कर दिया।


कार्रवाई के दौरान जांच टीम के सामने जो तथ्य आए, उन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। दुकान संचालक ने जांच अधिकारियों को बताया कि दुकान पहले ही “दिव्याश्री मैडम” को बेची जा चुकी है। दस्तावेजों की जांच में यह बात सही पाए जाने के बाद विभाग को आशंका है कि स्कूल प्रबंधन परोक्ष रूप से यूनिफॉर्म और किताबों का कारोबार संचालित कर रहा था।

सूत्रों के अनुसार दिव्याश्री, स्कूल ग्रुप के संचालक परिवार से जुड़ी बताई जा रही हैं। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या अभिभावकों को एक तय दुकान से खरीदारी के लिए मजबूर कर शिक्षा के नाम पर मुनाफाखोरी का खेल चलाया जा रहा था?

शिकायतों के बाद हरकत में आया प्रशासन

सेंट जेवियर्स समेत कई निजी स्कूलों में कथित लूटखसोट और मनमानी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह इस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे। वहीं कई अभिभावकों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से शिकायत कर बताया था कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की यूनिफॉर्म और किताबें केवल तय दुकान से खरीदने का दबाव बना रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने जांच टीम गठित की। टीम में प्रभारी बीआरसीसी निर्मल ठाकुर और समग्र शिक्षा के एपीसी रोहित भार्गव शामिल थे।

छापे में मिली स्कूल टैग वाली सामग्री

जांच टीम ने जब व्यापार विहार स्थित दुकान पर छापा मारा तो वहां बड़ी मात्रा में स्कूल टैग लगी यूनिफॉर्म और किताबें मिलीं। शिकायत सही पाए जाने पर अधिकारियों ने तत्काल दुकान को सील कर दिया।

बताया जा रहा है कि अब विभाग स्कूल प्रबंधन और दुकान के बीच आर्थिक लेन-देन, सप्लाई नेटवर्क और कथित सांठगांठ की विस्तृत जांच कर रहा है। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो स्कूल की मान्यता पर भी कार्रवाई हो सकती है।

डीईओ ने दी सख्त चेतावनी

जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने साफ कहा कि शासन के नियमों के अनुसार कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को किसी एक दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। नियम तोड़ने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला

वहीं सेंट जेवियर्स स्कूल के प्राचार्य जितेंद्र हुंडल ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि जिस दुकान पर कार्रवाई हुई है वह स्कूल परिसर के बाहर स्थित है और उसके आसपास कई अन्य दुकानें भी संचालित हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल संगठन का उस दुकान से कोई लेना-देना नहीं है।

क्या कहते हैं नियम?

▪️ निजी स्कूल किसी विशेष दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं कर सकते
▪️ यूनिफॉर्म कम से कम 3 साल तक नहीं बदली जा सकती
▪️ कक्षा 1 से 8 तक एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य हैं
▪️ फीस में सालाना वृद्धि 8% से अधिक नहीं हो सकती

अब पूरे मामले में सबकी नजर शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह भी है कि यदि जांच में स्कूल और दुकान के बीच सीधा संबंध सामने आता है तो क्या सिर्फ नोटिस देकर मामला शांत होगा या फिर बड़े स्तर पर कार्रवाई देखने को मिलेगी?

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