डेली न्यूज़ टाइम्स...( जिया उल्ला खान )....
जीपीएम....
जिला कार्यालय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) में आज दो अलग-अलग मामलों ने सनसनी फैला दी। पहला मामला ग्राम पंचायत भदौरा के निवासी दद्दू सिंह राठौर से जुड़ा है, जिनके पशुओं की मौत के बाद भी चार साल तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला। वहीं दूसरा मामला ग्राम पंचायत धनौली के मजदूर संतलाल कोल का है, जिनकी नाबालिग बेटी को कथित तौर पर प्रेमजाल में फंसाकर गांव का ही एक युवक भगा ले गया।
जानकारी के मुताबिक भदौरा निवासी दद्दू सिंह राठौर का भैंसा वर्ष 2022 में सियार के हमले से मारा गया था। इस घटना की पूरी जानकारी और दस्तावेज उन्होंने बीट गार्ड राकेश राठौर को जमा कर दिए थे ताकि उन्हें वन विभाग से मुआवजा मिल सके। इसके बाद उनका एक और मवेशी बिजली के तार की चपेट में आकर मर गया। इन दोनों घटनाओं के बावजूद चार साल बीत जाने के बाद भी दद्दू सिंह को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला।
लगातार मुआवजा न मिलने से परेशान होकर दद्दू सिंह राठौर ने अपनी शिकायत जिला कार्यालय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) में की। इस पर इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने तुरंत पहल करते हुए बिजली विभाग से बातचीत कर दद्दू सिंह को 30,200 रुपये का मुआवजा चेक दिलवाया। साथ ही वन विभाग के मामले को लेकर उन्होंने डीएफओ रिश्मी चांद से फोन पर चर्चा की और पीड़ित को मुआवजा दिलाने की मांग की।
बताया जा रहा है कि डीएफओ ने बताया कि ऐसे मामलों में संबंधित बीट गार्ड के माध्यम से प्रकरण कार्यालय तक पहुंचता है, तभी कार्रवाई संभव होती है। इसके बाद इंटक अध्यक्ष ने दद्दू सिंह राठौर को बीट गार्ड राकेश राठौर के पास से अपनी शिकायत की प्रति लाने के लिए भेजा
पीड़ित का आरोप है कि जब वह शिकायत की कॉपी लेने पहुंचे तो बीट गार्ड ने चार साल पुरानी वही शिकायत वापस करते हुए कहा कि उस समय “खर्चा-पानी” देने को कहा था, अगर पैसा दे देते तो मामला डीएफओ कार्यालय भेज दिया जाता, लेकिन पैसा नहीं देने के कारण प्रकरण आगे नहीं बढ़ाया गया।
इस घटना से नाराज इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने कहा कि एक बीट गार्ड द्वारा इस तरह का व्यवहार बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने डीएफओ रिश्मी चांद से फोन पर पूरे मामले की जानकारी देकर संबंधित बीट गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित को जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है।
अंसारी ने यह भी कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इंटक परिवार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगा और जरूरत पड़ी तो धरना-प्रदर्शन या वन विभाग का घेराव भी किया जाएगा, लेकिन पीड़ित को न्याय दिलाकर ही रहेंगे।
वहीं दूसरा मामला ग्राम पंचायत धनौली के मजदूर संतलाल कोल का सामने आया। संतलाल कोल ने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी को गांव का ही एक युवक प्रेमजाल में फंसाकर भगा ले गया है। इस मामले की शिकायत लेकर वह इंटक कार्यालय पहुंचे थे।
इस पर इंटक अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने उन्हें समझाया कि यह मामला पुलिस थाना में दर्ज होना चाहिए। मजदूर ने बताया कि थाने में उसके साथ जाने वाला कोई नहीं है। इसके बाद इंटक अध्यक्ष ने मजदूर को अगले दिन बुलाकर आश्वासन दिया कि वे स्वयं थाना प्रभारी से मिलकर उसकी शिकायत दर्ज करवाने में मदद करेंगे।
इंटक अध्यक्ष ने कहा कि संगठन हर गरीब और मजदूर की समस्या को गंभीरता से सुनकर उसका समाधान कराने का प्रयास करता है।