डेली न्यूज़ टाइम्स... ( जिया उल्ला खान )....
बिलासपुर....
बिलासपुर रेलवे कॉलोनी की रहने वाली महज 5 साल की आयरा फारूकी ने रमजान के पाक महीने में पहला रोजा रखकर सभी को हैरान कर दिया। आयरा, कपड़ा व्यवसायी फरहान फारूकी की पुत्री हैं, जिन्होंने इतनी छोटी उम्र में ही इबादत और सब्र की मिसाल पेश की है।
रमजान इस्लाम धर्म का बेहद पवित्र महीना माना जाता है, जिसमें रोजा रखना, इबादत करना, और जरूरतमंदों की मदद करना खास महत्व रखता है। रोजा सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्म-संयम, धैर्य और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का भी एक जरिया है।
आयरा ने अपने परिवार के मार्गदर्शन में पूरे उत्साह के साथ रोजा रखा और दिनभर अनुशासन का पालन किया। परिवार के लोगों ने भी आयरा के इस जज़्बे की सराहना की और उसे प्रोत्साहित किया।
नन्ही सी उम्र में आयरा का यह कदम न सिर्फ बच्चों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह दर्शाता है कि सही संस्कार और मार्गदर्शन से छोटी उम्र में भी बड़े मूल्यों को अपनाया जा सकता है।