फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ पर CG-RERA का शिकंजा — भ्रामक विज्ञापन पर 10 लाख का जुर्माना

डेली न्यूज़ टाइम्स... ( जिया उल्ला खान )....
बिलासपुर....छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने भ्रामक प्रचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फॉर्च्यून एलिमेंट्स परियोजना के प्रवर्तक पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये का भारी आर्थिक दंड लगाया है। यह कार्रवाई परियोजना के विज्ञापनों में गलत जानकारी देने और पंजीकृत विवरण से अलग तरीके से प्रचार करने के कारण की गई।
क्या है पूरा मामला?

प्राधिकरण के अनुसार बोदरी स्थित परियोजना का पंजीयन प्लॉटेड डेवलपमेंट के रूप में किया गया था, लेकिन जांच में पाया गया कि विभिन्न प्रिंट और डिजिटल माध्यमों में इसे हाउसिंग प्रोजेक्ट बताकर प्रचारित किया जा रहा था। इसे नियमों का उल्लंघन और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाला कृत्य माना गया।

नियमों का उल्लंघन गंभीर

रेरा के प्रावधानों के तहत प्रवर्तक को परियोजना का विकास और प्रचार केवल स्वीकृत योजना, लेआउट और पंजीयन में दर्ज जानकारी के अनुसार करना अनिवार्य है। इसके विपरीत प्रचार को गंभीर उल्लंघन मानते हुए सीजीरेरा ने कड़ा रुख अपनाया।

आगे क्या निर्देश दिए गए?

प्राधिकरण ने न केवल 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया बल्कि निर्देश भी दिया कि यदि परियोजना में हाउसिंग क्षेत्र शामिल है तो उसका विधिवत पंजीयन कराया जाए। साथ ही भविष्य में केवल सही और पंजीकृत विवरण के आधार पर ही विज्ञापन जारी करने को कहा गया है।

सख्त निगरानी जारी

सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं के विज्ञापनों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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