सूचना होती तो जरूर आती” – सांसद ज्योत्सना महंत...गजमती भानु के शपथ को लेकर कोरबा सांसद का बड़ा बयान

डेली न्यूज़ टाइम्स... ( जिया उल्ला खान )..
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही।

इंदिरा उद्यान, पेंड्रा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा नववर्ष 2026 के अवसर पर नववर्ष मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गीत–संगीत की आकर्षक प्रस्तुतियों के बीच बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए, जिसमें महिलाओं एवं युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सभी कांग्रेसजनों ने एक–दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।
सभी वरिष्ठ कांग्रेसियों ने जिनकी पहचान ही कांग्रेस के नाम से है उन्होंने अपने उद्गार में कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से कांग्रेस संगठन में मजबूती और आपसी समानजस बढ़ेगा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।

इसी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों द्वारा टेलीफोन के माध्यम से गजमती भानु के शपथ ग्रहण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भूमिका पर पूछे गए सवालों पर कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी।

फोन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा—

> “भूपेश बघेल जी पूर्व मुख्यमंत्री हैं, वे कहीं भी जा सकते हैं और गए होंगे। लेकिन मुझे इस कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। अगर मुझे सूचना होती, तो मैं जरूर शामिल होती।”



उन्होंने जिले के समस्त कांग्रेसजनों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं भी दीं।

उत्तम वासुदेव का बयान

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता उत्तम वासुदेव ने शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दिए गए वक्तव्य को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा—

> “भूपेश बघेल जी एक बड़े नेता हैं और उनकी बात हमारे लिए सिर–आंखों पर है। लेकिन हमने संगठन से जुड़ी किसी भी आंतरिक बात को कभी भी मीडिया के सामने नहीं रखा। हमने जो भी बातें की हैं, वह सिर्फ अपने कांग्रेस परिवार के बीच रखी हैं। क्या अपने परिवार में बात रखना कोई अपराध है? और यदि यह गलत है, तो दूसरों पर कारवाही करना मेरी गर्दन अलग कर देना।”

मनोज गुप्ता ने जताई आपत्ति

कांग्रेस नेता मनोज गुप्ता ने शपथ ग्रहण समारोह के आमंत्रण पत्र को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश की एकमात्र कांग्रेस सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत का नाम आमंत्रण पत्र में शामिल नहीं किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई वरिष्ठ कांग्रेसजनों को कार्यक्रम का आमंत्रण तक नहीं दिया गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं।

मनोज गुप्ता ने कहा कि गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले का एकमात्र विधानसभा क्षेत्र कोरबा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, इसके बावजूद उसके सांसद एवं पूर्व विधायक का नाम आमंत्रण पत्र में न होना बेहद चिंताजनक और दुखद है।

पुराने कांग्रेस नेताओं की दूरी का कारण भी आया सामने

बताते चलें कि बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गौरेला–पेंड्रा–मरवाही दौरा हुआ था, जिसमें पार्टी के कई पुराने और सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाए रखी थी। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण सांसद ज्योत्सना महंत का नाम आमंत्रण पत्र में शामिल न होना एवं  कांग्रेसजनों को कार्यक्रम का आमंत्रण न दिया जाना बताया जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की कांग्रेस राजनीति में नई बहस और अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

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