डेली न्यूज़ टाइम्स.. ( जिया उल्ला खान )...
कटघोरा (कोरबा)।
थाना कटघोरा क्षेत्र में हुए भाजपा नेता एवं ठेकेदार अक्षय गर्ग की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 5 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं एक विधि से संघर्षरत बालक की भी संलिप्तता सामने आई है। हत्या के पीछे व्यावसायिक और राजनीतिक रंजिश को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
दिनदहाड़े टांगी और चाकू से हमला
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक अक्षय गर्ग 23 दिसंबर 2025 को अपने कार्यस्थल ग्राम कटघोरा नगरी कैंप गए हुए थे। सुबह करीब 10 बजे वे कैंप के मेस के पास मजदूरों से कार्य संबंधी चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान चार पहिया वाहन से पहुंचे तीन अज्ञात आरोपियों ने अक्षय गर्ग पर अचानक लोहे की धारदार टांगी और चाकू से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर के पीछे, हाथ और पेट में गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर मृतक के परिजन और सहकर्मी उन्हें तत्काल इलाज के लिए हरिकृष्ण अस्पताल कटघोरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज
मृतक के भाई जय गर्ग की रिपोर्ट पर थाना कटघोरा में मर्ग क्रमांक 162/25 धारा 194 BNSS कायम कर, बाद में अपराध क्रमांक 425/25 धारा 103(1), 238(1), 61(2), 3(5) BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और जांच के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश ठाकुर के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर साइबर सेल और एफएसएल टीम की मदद से भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए।
5 घंटे में हत्याकांड का खुलासा
पुलिस ने गवाहों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करीब 5 घंटे में तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने हत्या करना स्वीकार किया।
गिरफ्तार आरोपी हैं—
मिर्जा मुस्ताक अहमद (27 वर्ष) – निवासी ग्राम मल्दा, थाना कटघोरा
विश्वजीत अग्रे (21 वर्ष) – निवासी सिंघिया कोरबी, थाना कटघोरा
गुलशन दास (26 वर्ष) – निवासी ग्राम मल्दा, थाना कटघोरा
इसके अलावा एक विधि से संघर्षरत बालक भी घटना में शामिल पाया गया।
आरोपियों की भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद ने हत्या की पूरी योजना बनाई थी। उसी ने हथियार जुटाए और सबसे पहले मृतक के पेट पर चाकू से वार किया।
विश्वजीत अग्रे ने लोहे की टांगी से अक्षय गर्ग के सिर पर हमला किया, जबकि गुलशन दास मृतक की गतिविधियों की जानकारी मुख्य आरोपी को देता था। विधि से संघर्षरत बालक भी वारदात में शामिल था।
पहले भी हो चुका था हत्या का प्रयास
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने घटना से एक दिन पहले भी अक्षय गर्ग का पीछा कर हत्या का प्रयास किया था, लेकिन उस समय वे असफल रहे।
हत्या के पीछे कारण
जांच में हत्या के पीछे दो प्रमुख कारण सामने आए हैं—
व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा: मुख्य आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद ठेकेदारी के क्षेत्र में सक्रिय होना चाहता था, लेकिन अक्षय गर्ग के प्रभाव के कारण उसे काम नहीं मिल पा रहा था।
राजनीतिक रंजिश: पंचायत चुनाव के दौरान दोनों के बीच सीधी टक्कर हुई थी, जिसके बाद से आपसी विवाद बना हुआ था। चुनाव में अक्षय गर्ग की जीत के बाद आरोपी का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र में कम हो गया था।
हथियार, वाहन और मोबाइल जप्त
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की टांगी, चापड़, चार पहिया वाहन (CG 12 BF 4345), घटना के समय पहने कपड़े, मोबाइल फोन सहित अन्य अहम साक्ष्य जप्त किए हैं।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और आगे भी अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।