डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान...
बिलासपुर। संस्कारधानी बिलासपुर में सूर्य उपासना का सबसे बड़ा महापर्व छठ पूजा की शुरुआत भव्यता और श्रद्धा के साथ हो चुकी है। शनिवार को अरपा मैया की महाआरती के बाद आज रविवार को एशिया के सबसे बड़े स्थाई छठ घाट — तोरवा स्थित अरपा नदी तट पर छठ पूजा समिति और सैकड़ों भक्तों ने श्रमदान कर घाट की सफाई पूरी की
सुबह 7 बजे से आरंभ हुए इस स्वच्छता अभियान का नेतृत्व समिति के प्रमुख प्रवीण झा ने किया। घाट की सीढ़ियों से लेकर नदी के तट तक सफाई अभियान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने झाड़ू और फावड़ा उठाकर श्रमदान किया। भक्तों में अपार उत्साह देखने को मिला।
प्रवीण झा ने बताया कि शनिवार को हुई महाआरती में करीब 5000 श्रद्धालु शामिल हुए। इस वर्ष छठ पूजा समिति की 25वीं वर्षगांठ (रजत जयंती) के रूप में पर्व मनाया जा रहा है, जिसे और भी भव्य बनाने की तैयारी की गई है। आयोजन में 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा हेतु 500 से अधिक पुलिसकर्मी और वॉलिंटियर्स तैनात रहेंगे।
🟧 खरना पूजा के साथ आज से शुरू होगा 36 घंटे का व्रत
लोकआस्था का यह चार दिवसीय महापर्व शनिवार को नहाय-खाय के साथ आरंभ हुआ। रविवार को खरना पूजा की जाएगी, जो निर्जला व्रत का प्रारंभिक दिन माना जाता है। इस दिन व्रती मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ की खीर, रोटी और अरवा चावल से प्रसाद तैयार कर सूर्यदेव को अर्पित करेंगे।
🟧 कठोर नियमों वाला पर्व
खरना के दिन से व्रती मन, वचन और कर्म से पवित्रता का पालन करते हैं। प्रसाद सूर्य देव और छठी मैया को अर्पित कर व्रती उसका सेवन करते हैं, जिसके बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास आरंभ होता है।
🟧 बाजारों में छठ सामग्री की खरीदारी का उत्साह
पूजा सामग्री खरीदने के लिए बुधवारी, शनिचरी, बृहस्पति, मंगला, सरकंडा, राजकिशोर नगर और तिफरा बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी है। समिति के सदस्य रौशन सिंह ने बताया कि यह पर्व संतान प्राप्ति, निरोगी काया और सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। रविवार शाम को खरना पूजा और सोमवार को मुख्य अर्घ्य का आयोजन किया जाएगा, जब श्रद्धालु तोरवा छठ घाट पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे।
🟧 श्रमदान में जुटे रहे ये प्रमुख सदस्य
प्रवीण झा, विजय ओझा, अभय नारायण राय, धर्मेंद्र दास, राम प्रताप सिंह, सुधीर झा, रौशन सिंह, दिलीप चौधरी, पंकज सिंह, लव ओझा, धनंजय झा, ए.के. कंठ, राम सखा चौधरी, हरिशंकर कुशवाहा, चंद्र किशोर प्रसाद, मुन्ना सिंह, रिंकू दुबे, प्रशांत सिंह, राजीव गिरी, धीरज झा, अशोक झा, शौलेंद्र सिंह, निर्भय चौधरी, रवींद्र कुशवाहा, हेमंत झा, अमरनाथ तिवारी, विनोद सिंहा, बसंत ओझा, संतोष राय, सन्नी गिरी, कुबेर डँसेना, अमन कुमार, सुभाष यादव, रविरंजन ओझा, अरुण सिंह, विद्यानंद दुबे, लालू ओझा, विनोद पांडे, श्याम बाबू, अभिषेक ओझा, संतोष ओझा और आशुतोष पांडे समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे।