डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान...
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में गरीब मजदूरों और किसानों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) लगातार सक्रिय है। बीते दिन इंटक जिला कार्यालय जीपीएम में दो बड़े मामले पहुंचे, जिनमें विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी साफ नज़र आई।
1. भैंस की मौत का मुआवजा 4 साल से लंबित
ग्राम पंचायत भदौरा के तोपसिंह राठौर और दद्दू सिंह राठौर ने बताया कि वर्ष 2020 में उनकी भैंस बिजली की चपेट में आकर मर गई थी, लेकिन आज तक बिजली विभाग ने मुआवजा नहीं दिया। इसके अलावा दद्दू सिंह राठौर की एक भैंसा को सियार ने मार डाला था, जिसकी शिकायत वन विभाग को दी गई थी, मगर एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला।
लिखित शिकायत पर इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने बिजली विभाग के ई.ई. गढ़वाल और वन विभाग की डी.एफ.ओ. सीरी चांद से फोन पर चर्चा कर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। दोनों अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाएगा।
2. ठेकेदार ने मजदूर का किराया रोका
दूसरे मामले में ग्राम पंचायत गोरखपुर निवासी आकिब जावेद ने बताया कि उसने पी.एन. इंटरप्राइजेज बिलासपुर के एनीकट कार्य में एक्सावेटर मशीन किराए पर लगाई थी। प्रति माह ₹2,20,000 के हिसाब से किराया तय था और 43 दिन तक मशीन कार्य पर लगी रही। इसके बावजूद ठेकेदार ने ₹88,300 का भुगतान रोक लिया और नुकसान का हवाला देकर पैसे देने से इंकार कर दिया।
शिकायत पर इंटक अध्यक्ष ने कहा कि ठेकेदार की यह दलील श्रम कानून के खिलाफ है, मजदूर का मेहनताना हर हाल में दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ठेकेदार को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा और संबंधित विभाग के ई.ई. व एस.डी.ओ. से जानकारी लेने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
इंटक पर बढ़ रहा विश्वास
लगातार गरीब मजदूरों, किसानों और आदिवासियों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर समाधान की दिशा में काम कर रहे इंटक संगठन पर अब जिलेभर में लोगों का भरोसा बढ़ता जा रहा है। गांव से लेकर शहर तक चर्चा है कि जीपीएम जिले में अगर कोई संगठन बिना फोटोबाजी और नेतागिरी के सीधे गरीबों की समस्याओं पर काम करता है तो वह है राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक)।