गौरेला बिजली विभाग में लापरवाही पर इंटक का हल्ला बोल – तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा विभाग का घेराव

डेली न्यूज़ टाइम्स.... जिया उल्ला खान....

गौरेला.....

बिजली विभाग की लापरवाही के चलते करेंट की चपेट में आए मासूम बच्चे के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने सोमवार को अपनी टीम के साथ गौरेला बिजली विभाग पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।


लापरवाही से हादसा, फिर भी कार्रवाई अधर में

कुछ दिन पूर्व गौरेला क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही के कारण एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद इंटक परिवार ने जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई और पीड़ित बच्चे के इलाज के लिए उचित मुआवजा देने की मांग की थी। उस समय ईई गढ़वाल ने कार्रवाई व मुआवजे का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में विभागीय अधिकारियों ने मामले को लगातार टालना शुरू कर दिया।

ज्ञापन लेने से किया इंकार

सोमवार को जब इंटक अध्यक्ष अपनी टीम के साथ विभाग पहुंचे तो डीई कार्यालय में मौजूद नहीं थे। फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन रिसीव नहीं किया गया। इसके बाद अंसारी ने विभाग की अधिकारी साहू मैडम को ज्ञापन देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया और कहा कि यह ज्ञापन डीई को ही दिया जाएगा। मजबूरी में इंटक टीम ने कार्यालय के बाबू को ज्ञापन सौंपा।


तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो घेराव

ज्ञापन में साफ चेतावनी दी गई है कि तीन दिनों के भीतर यदि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और बच्चे के इलाज के लिए मुआवजा सुनिश्चित नहीं किया गया तो बिजली विभाग का घेराव किया जाएगा।
इंटक अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने कहा कि,
"डीई साहब लगातार आज-कल करके मामले को टाल रहे हैं। यह साफ तौर पर मिलीभगत का संकेत है। गरीब मजदूर के बच्चे की जान जोखिम में आई है और विभाग जिम्मेदारी से भाग रहा है। जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, इंटक परिवार लड़ाई जारी रखेगा।"

ठेकेदारों की जिम्मेदारी पर सवाल

इंटक परिवार ने विभाग से यह भी जानकारी मांगी है कि किस ठेकेदार और किन मजदूरों के माध्यम से लाइन का कार्य कराया जा रहा था। इस संबंध में भी विभाग द्वारा स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे ये लोग

आज ज्ञापन देने वालों में इदरीस अंसारी, बलराम देवगन, राकेश पूरी, मदन मोहन, अजय बर्मन सहित बड़ी संख्या में इंटक परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
ज्ञापन की प्रति कलेक्टर महोदया को भी भेजी गई है।

👉 अब देखना होगा कि बिजली विभाग मजदूरों और गरीब परिवार को इंसाफ दिलाने में कितनी गंभीरता दिखाता है, या फिर इंटक को आंदोलन की राह पर उतरना पड़ेगा।

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