वन भूमि अतिक्रमण और भालू हमले के मामले में इंटक अध्यक्ष ने उठाई आवाज, DFO को सौंपा ज्ञापन

डेली न्यूज़ टाइम्स.. जिया उल्ला खान....

वन विभाग मरवाही मढ़ना डिपो अंतर्गत ग्राम पंचायत भास्कुरा के खंता वन क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई को लेकर इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामवासियों ने गेंदलाल मांझी और संता प्रसाद मांझी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने वर्षों से वन विभाग की भूमि पर लगे पेड़-पौधों को काटकर लगभग 10–15 एकड़ क्षेत्र में अवैध कब्जा कर लिया है।


ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए इंटक अध्यक्ष ने दोनों आरोपियों से दस्तावेजों के साथ पक्ष रखने की बात कही, लेकिन वे मामले को लगातार टालते रहे। इसके बाद इदरीस अंसारी ने वन मंडल अधिकारी (DFO) सीरी चांद से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और कटे हुए पेड़ों की तस्वीरें भी सौंपीं।

अंसारी ने बताया कि यह मामला कई वर्षों से चल रहा है और रिटायर्ड रेंजर चंदन मरावी एवं बीट गार्ड स्वर्णमढ़ी मिश्रा की जानकारी में होते हुए भी इस अवैध कब्जे को अनदेखा किया गया, जो कि वन विभाग की मिलीभगत का संकेत है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में बीट गार्ड, रेंजर और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इंटक अध्यक्ष ने कहा, "यह लड़ाई इंटक की नहीं, ग्रामीणों की है। जब ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं होती, तो वे इंटक कार्यालय को अपनी आखिरी उम्मीद मानकर आते हैं। हमें उनके भरोसे पर खरा उतरना है।"

दूसरे मामले में भी ज्ञापन सौंपा

इंटक अध्यक्ष ने एक अन्य मामले में भी ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्राम दसमटिया भैंना की एक महिला पर भालू द्वारा किए गए हमले के बाद आज तक मुआवजे की राशि नहीं दी गई है। घटना को 10 महीने से अधिक हो चुके हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से पीड़ित महिला को अब तक सहायता नहीं मिली।


इन दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए DFO सीरी चांद ने जल्द ही जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


N

Post a Comment

Previous Post Next Post