पंडरीपानी आश्रम में बच्चों को मिला बैग-कॉपी, इंटक अध्यक्ष ने किया वितरण, सरपंच-उपसरपंच नदारद

डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान..
गौरेला.....

पंडरीपानी स्थित आदिवासी बालक आश्रम में बुधवार को हॉस्टल प्रबंधन की ओर से बच्चों को बैग, कॉपी, पेन, कटर, रबर सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। इस आयोजन के लिए आश्रम अधीक्षक सुनील धितलहरे ने गांव के सरपंच और उपसरपंच को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया था, ताकि बच्चों को जनप्रतिनिधियों के हाथों से ये सामग्री मिलती और उनका मनोबल बढ़ता।

लेकिन हैरानी की बात रही कि सरपंच और उपसरपंच दोनों ने पहले सहमति जताने के बावजूद कार्यक्रम में आना जरूरी नहीं समझा। ऐसे में अधीक्षक धितलहरे ने ‘गरीब मजदूरों की आवाज’ राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) के जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी को संपर्क किया और आग्रह किया कि वे अचानक बुलावे पर भी बच्चों के लिए आएं।

अध्यक्ष अंसारी ने अधीक्षक की बात सुनते ही तुरंत सहमति दी और आधे घंटे के भीतर पंडरीपानी आश्रम पहुंच गए। वहां शिक्षकों की मौजूदगी में करीब 40 बच्चों को बैग, कॉपी, पेन, रबर, कटर आदि सामग्री वितरित की गई।

इदरीस अंसारी ने इस अवसर पर कहा कि –

> “हमारा संगठन मजदूर, किसान, आदिवासी और गरीब तबके के लिए ही बना है। चाहे फैक्ट्री, मिल, खदान हो या फिर असंगठित क्षेत्र के मजदूर हों, हम हमेशा उनकी मदद के लिए खड़े रहते हैं। बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना भी हमारी जिम्मेदारी है। अगर समाज के जिम्मेदार लोग ही बच्चों की परवाह नहीं करेंगे तो फिर विकास कैसे होगा।”



यह पहली बार नहीं है जब इदरीस अंसारी को ऐसे सामाजिक कार्य में बुलाया गया हो। वे पिछले सात सालों से इंटक जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हुए मजदूरों, किसानों, आदिवासियों के हर मुद्दे पर संबंधित विभागों तक आवाज उठाते रहे हैं। चाहे रोजी-मजदूरी की बात हो, खेती-किसानी से जुड़ी दिक्कतें हों या मुआवजे का मामला, इंटक संगठन ने हर बार प्रभावितों के साथ खड़े होकर समाधान की दिशा में काम किया है।

इतना ही नहीं, इंटक का जिला कार्यालय और ब्लॉक स्तर पर कार्यालय हर दिन गरीब मजदूरों के लिए खुला रहता है, जहां वे सीधे अपनी शिकायतें लेकर पहुंच सकते हैं। इंटक की यही सक्रियता है जो उसे न सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश में अलग पहचान देती है।

विचारणीय बात
गांव में जब सरपंच-उपसरपंच जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही बच्चों और शिक्षा के प्रति लापरवाह नजर आते हैं तो आम जनता जनप्रतिनिधियों से क्या उम्मीद करे? ऐसे में इंटक जैसे संगठनों का सामने आना समाज में सकारात्मक संदेश देता है। अगर सभी राजनीतिक और सामाजिक संगठन ऐसी संवेदनशीलता के साथ काम करें तो न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी बल्कि गरीब तबके को भी उनका हक और सम्मान मिलेगा।

इंटक संगठन और अध्यक्ष इदरीस अंसारी को हमारी शुभकामनाएं कि वे इसी तरह गरीब, मजदूर, किसान, आदिवासियों के हक-अधिकार के लिए अपनी आवाज बुलंद करते रहें।

Post a Comment

Previous Post Next Post