रतनपुर के सोनू ढाबा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ढाबा संचालक गिरफ्तार, तिफरा-रायपुर रोड के ढाबों पर भी बढ़ेगी सख्ती? पुलिस और आबकारी की नींद कब खुलेगी

डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान....

बिलासपुर/
रतनपुर थाना क्षेत्र में स्थित ढाबा में पुलिस ने छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की है। इस ढाबे पर लंबे समय से खुलेआम शराब परोसे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। कार्यवाही के दौरान सोनू ढाबा में ग्राहकों को शराब परोसते पाया गया। पुलिस ने मौके से शराब की बोतलें जब्त कीं और ढाबा संचालक सुमेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया। 


ढाबे पर “सैटिंग” से चल रहा था शराब का कारोबार

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनू ढाबा पर बीते कुछ समय से कथित तौर पर "सेटिंग" के माध्यम से शराब परोसी जा रही थी। यहां आने वाले ग्राहकों को अंदर बैठाकर शराब दी जाती थी और बाहर से देखने पर ऐसा लगता था कि सब सामान्य है। इससे पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की जाती थी।


तिफरा से लेकर रायपुर रोड तक – कब होगी कार्रवाई?

रतनपुर में हुई कार्रवाई के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या तिफरा, सिरगट्टी, चकरभाटा, हिर्री जैसे इलाकों में मौजूद अन्य ढाबों पर भी जांच होगी? स्थानीय सूत्रों की मानें तो रायपुर रोड पर कई प्रीमियम ढाबों में भी "सैटिंग" के जरिए ग्राहकों को शराब पिलाई जाती है। इनमें से कुछ ढाबों में युवाओं की भीड़ खासकर शाम के वक्त देखी जाती है, जो खुलेआम शराब सेवन करती है।

सूत्रों का दावा – थाने की जानकारी में है सबकुछ

स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि सिरगट्टी, चकरभाटा, हिर्री थाना क्षेत्रों में मौजूद कई ढाबों में पुलिस की जानकारी में सबकुछ चल रहा है। कुछ मामलों में तो ढाबा संचालक और थाने के कर्मचारियों के बीच मिलीभगत की बात भी सामने आई है।

हालांकि इन थानों की ओर से अब तक किसी भी ढाबे पर कोई उल्लेखनीय कार्रवाई नहीं हुई है।


प्रशासन और आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल

इन घटनाओं ने आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सभी ढाबों की सघन जांच की जाए और अवैध शराब परोसने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


स्थानीय जनता की मांग: “सभी ढाबों पर छापेमारी हो”

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को रतनपुर जैसी सख्ती अन्य ढाबों पर भी दिखानी चाहिए। कुछ लोगों ने शिकायत की है कि उनके क्षेत्र के ढाबों में देर रात तक हंगामा होता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी होती है।



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