डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान.....
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही — जिले के गरीब, मजदूर और जरूरतमंद वर्ग के लिए अब इंटक जिला कार्यालय सिर्फ एक संगठन का दफ्तर नहीं, बल्कि एक उम्मीद और भरोसे का नाम बन चुका है। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) के जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी की जनसेवा और समाधानपरक कार्यशैली को देखते हुए आज नगर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि दूरस्थ गांवों के लोग भी अपनी समस्याएं लेकर कार्यालय पहुंचते हैं — और उन्हें निराशा नहीं मिलती।
आज एक बार फिर इंटक कार्यालय में तीन अलग-अलग गंभीर समस्याएं लेकर लोग पहुंचे, जिन पर जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों से सीधी बात की और समस्या का समाधान सुनिश्चित कराया।
🔹 पहला मामला: राशन कार्ड न बनने से परेशान धन बाई मरावी
नगर पालिका गौरेला के वार्ड क्रमांक 1 की आदिवासी महिला धन बाई मरावी बीते पांच महीनों से राशन कार्ड बनवाने के लिए नगर पालिका के चक्कर काट रही थी। महिला का आरोप है कि कार्ड बनवाने के नाम पर उससे 500 रुपए भी लिए गए, बावजूद इसके आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जब महिला ने अपनी पीड़ा इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी को बताई, तो उन्होंने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला खाद्य अधिकारी श्रीमती स्वेता मैडम से फोन पर बातचीत की। अधिकारी ने बताया कि वे फिलहाल मीटिंग में हैं, लेकिन सोमवार को सभी दस्तावेजों के साथ महिला को भेजने को कहा, और समस्या के निराकरण का भरोसा दिलाया।
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🔹 दूसरा मामला: हैदराबाद ले जाकर मजदूरी न देने का आरोप
ग्राम पंचायत पिपरिया भास्कुरा के दो मजदूरों ने शिकायत की कि उन्हें ग्राम पंचायत खैरझीटी (मरवाही) के निवासी निरंजन नामक व्यक्ति द्वारा काम के लिए हैदराबाद ले जाया गया, जहां तीन महीने तक काम कराने के बाद भी मजदूरी नहीं दी गई।
मजदूरों की बात सुनकर इंटक अध्यक्ष ने उन्हें तीन दिन बाद पुनः बुलाया है और इंटक टीम द्वारा पहले तथ्यात्मक जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद निरंजन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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🔹 तीसरा मामला: प्रसूति योजना की राशि अटकी
ग्राम पंचायत कोटारिया की महिला लल्लू पेंद्रोह ने बताया कि उसने प्रसूति सहायता योजना के तहत ₹20,000 की सहायता राशि के लिए आवेदन दो महीने पहले जमा किया था, लेकिन आज तक उसे राशि प्राप्त नहीं हुई।
इस पर इंटक अध्यक्ष ने तुरंत श्रम अधिकारी श्री गुप्ता से संपर्क कर मामला बताया। अधिकारी ने महिला को दोबारा बुलाया, लेकिन इदरीस अंसारी ने गर्मी और महिला की गोद में छोटी बच्ची को देखते हुए उसे तत्काल राहत देते हुए कहा कि वह सोमवार को आए, उसका आवेदन फिर से जमा कराया जाएगा और ₹20,000 की राशि भी दिलवाई जाएगी।
💬 “काम बोलता है, वादे नहीं” — इदरीस अंसारी
इंटक अध्यक्ष इदरीस अंसारी का कहना है कि उनका उद्देश्य है — हर गरीब, मजदूर, किसान और आदिवासी की आवाज बनना। वे किसी भी समस्या को नेता जैसे "हो जाएगा", "देखते हैं", "बोल देंगे" जैसे बहानों में नहीं डालते, बल्कि तुरंत संबंधित अधिकारी से बात कर समाधान खोजते हैं।
उनका मानना है कि "यदि आप अधिकारी से साफ, सच्ची और प्रमाणिक बात करते हैं तो हर विभाग आपकी सुनता है। मैंने कभी महसूस नहीं किया कि कोई अधिकारी सहयोग नहीं करता।" यही वजह है कि इंटक संगठन आज पूरे जिले में मज़बूत और प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है।
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