पुलिस ने बताया कि सिहानी गेट इलाके में हुई इस घटना के लिए गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान योगेश चौधरी और शिवम के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने अपने साथी ऋषभ के साथ मिलकर गौशाला संचालक राम कुमार की बेटी छाया शर्मा के कहने पर हिंडन विहार की एक दुकान से आठ किलोग्राम मांस खरीदा था.
पुलिस उपायुक्त (सिटी जोन) राजेश कुमार ने बताया कि छाया ने पकड़े गए आरोपियों को 12 मार्च की रात शिव चंदी गौशाला के अंदर कथित तौर पर मांस रखने का निर्देश दिया था.
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने स्थानीय ‘गौ सेवक’ पवन तोमर को गौशाला परिसर के अंदर बड़ी मात्रा में गोमांस होने की सूचना दी. अधिकारी ने बताया कि इस हरकत का मकसद सांप्रदायिक अशांति फैलाना था.
उन्होंने बताया कि इसके बाद 13 मार्च को सिहानी गेट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई.
योगेश और शिवम गिरफ्तार
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मांस बरामद किया और उसे जांच के लिए सरकारी पशु चिकित्सालय भेजा, जहां से इसके भैंस का मांस होने की पुष्टि हुई. उन्होंने बताया कि छाया शर्मा, योगेश चौधरी, ऋषभ, शिवम और नंद किशोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 248(ए) (किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाने का इरादा या उस व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का कारण बनना) और 353(2) (सार्वजनिक उत्पात) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.