आरोप है कि पीड़ित केवल दास मानिकपुरी से पटवारी अनिकेत साव ने यह रकम मांगी थी, जिसमें से ₹30,000 नकद लेते हुए उसका वीडियो भी बन गया!
कैसे हुआ खुलासा?
केवल दास मानिकपुरी ने बताया कि उनके पिता स्व. दुलमदास को 1984-85 में सरकारी पट्टा मिला था, लेकिन ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट कराने के लिए पटवारी ने पहले तो ₹60,000 की डिमांड रखी और फिर 26 दिसंबर 2024 को ₹30,000 नगद अपने घर पर ले लिया।
लेकिन पैसा लेने के बावजूद न तो जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट हुआ और न ही ऋण पुस्तिका मिली। जब केवल दास ने दोबारा संपर्क किया, तो पटवारी बहाने बनाकर टालने लगा।
वीडियो क्लिप बनी बड़ा सबूत!
पटवारी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए केवल दास ने पूरी योजना बनाई और पैसे के लेन-देन का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। अब यह वीडियो उनके पास एक मजबूत सबूत के तौर पर मौजूद है, जिससे पटवारी की पोल खुल चुकी है।