जिया उल्ला खान /बिलासपुर
इनका जिगर तो देखिए ये जहाँ बैठते है उस कमरे में दो दो कैमरा लगा है उसके बाद भी ये खुल्लेआम पैसा ले रहे थे क्या ये कैमरा सिर्फ दिखावे के लिए है या इसका कोई जाँच भी होता है?
इनका क्या है हो सकता है ये इस वीडियो को देख अपने उच्च अधिकारियों को ये बोल दे कि ये पैसा टिकट के एवज में लिया गया था परंतु अगर ये टिकट के एवज में लिया गया था तो क्या इसका कोई राशिद मुहैया नही कराया जाता उसके एवज में ? ये भी एक सवाल उठता है। अगर यहाँ लगे दोनो कैमरा चालू हालात में है तो इसका फुटेज निकाल देखा जा सकता है कि कैसे हर दस्तावेज/नकल के बदले चेहरा देख हर व्यक्ति से पैसा लिया जा रहा है। और अगर कैमरा चालू हालात में नही है तो उसका जवाबदेही कौन है फिर इसे सिर्फ दिखावे के लिए क्यों लगाया गया है?
यही कार्यप्रणाली है इनका? ऐसे लोगो को यहाँ क्यों बैठाया जाता है जो एक आम आदमी या किसान से पैसा ले के उनका काम करते है।
वो भी खुल्लेआम....
इनका जिगर तो देखिए ये जहाँ बैठते है उस कमरे में दो दो कैमरा लगा है उसके बाद भी ये खुल्लेआम पैसा ले रहे थे क्या ये कैमरा सिर्फ दिखावे के लिए है या इसका कोई जाँच भी होता है?
इनका क्या है हो सकता है ये इस वीडियो को देख अपने उच्च अधिकारियों को ये बोल दे कि ये पैसा टिकट के एवज में लिया गया था परंतु अगर ये टिकट के एवज में लिया गया था तो क्या इसका कोई राशिद मुहैया नही कराया जाता उसके एवज में ? ये भी एक सवाल उठता है। अगर यहाँ लगे दोनो कैमरा चालू हालात में है तो इसका फुटेज निकाल देखा जा सकता है कि कैसे हर दस्तावेज/नकल के बदले चेहरा देख हर व्यक्ति से पैसा लिया जा रहा है। और अगर कैमरा चालू हालात में नही है तो उसका जवाबदेही कौन है फिर इसे सिर्फ दिखावे के लिए क्यों लगाया गया है?