पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, जिया खान और अनुज श्रीवास्तव प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग...तीन दिन में कार्रवाई नहीं होने पर 15 जून से चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

डेली न्यूज़ टाइम्स....

बिलासपुर। पत्रकार जिया खान एवं अनुज श्रीवास्तव के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को लेकर जिले के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पत्रकार सुरक्षा संबंधी शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि गृहमंत्री तथा बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को भी भेजी गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में सिविल लाइन थाना के पुराने भवन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक आरक्षक वर्दी में सोता हुआ दिखाई दे रहा था, जबकि एक कमरे में शराब और बीयर की बोतलें रखी हुई नजर आ रही थीं। यह वीडियो विभिन्न समाचार पोर्टलों और मीडिया संस्थानों में प्रकाशित हुआ था। समाचारों में पुलिस प्रशासन का पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।

पत्रकारों के अनुसार इसके बाद आरक्षक मनोज साहू और एक चाय दुकान संचालक के बीच कथित बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें पत्रकारों द्वारा वीडियो सार्वजनिक नहीं करने के बदले धनराशि मांगने की बात कही गई। इसी आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने पत्रकार जिया खान, अनुज श्रीवास्तव सहित चार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली।

पत्रकार समुदाय का आरोप है कि एफआईआर दर्ज करने से पहले संबंधित पत्रकारों का पक्ष नहीं लिया गया और न ही किसी स्वतंत्र साक्ष्य की निष्पक्ष जांच कराई गई। उनका कहना है कि शासन और पुलिस मुख्यालय द्वारा पत्रकारों से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2023 में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून के तहत पत्रकारों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित किए जाने का प्रावधान है, जिसमें पुलिस विभाग, जनसंपर्क विभाग तथा वरिष्ठ पत्रकारों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। समिति की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।

पत्रकारों ने मांग की है कि जिया खान और अनुज श्रीवास्तव से जुड़े प्रकरण को तत्काल सक्षम समिति को सौंपकर तीन दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि मामले में पत्रकार सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का पालन क्यों नहीं किया गया।

ज्ञापन में भविष्य में किसी भी पत्रकार के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच पहले समिति के माध्यम से कराने तथा आरोपों की पुष्टि होने के बाद ही एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा बिलासपुर जिले में पत्रकार सुरक्षा समिति की वर्तमान स्थिति और उसके क्रियान्वयन संबंधी जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है।

पत्रकार समुदाय ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी दोषी व्यक्ति को संरक्षण देने के पक्ष में नहीं है, लेकिन कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 15 जून 2026 से चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन और जनजागरण अभियान जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।

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