डेली न्यूज़ टाइम्स.... ( जिया उल्ला खान )...
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एक मई अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) जिला कार्यालय में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अगुवाई जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में इंटक परिवार के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।
बैठक में अंसारी ने मजदूर दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम में आने वाले मजदूरों के आने-जाने, भोजन-पानी और अन्य व्यवस्थाओं की पूरी जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के पदाधिकारियों की होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी मजदूर को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और सम्मानपूर्वक उनकी देखभाल की जाए।
इसके साथ ही अंसारी ने संगठन के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जिले के हर उद्योग, मिल, फैक्ट्री और लेबर ठेकेदारों का दौरा करें। वहां कार्यरत मजदूरों की मजदूरी, सुरक्षा, बीमा और अन्य सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाए। उन्होंने खुद भी इन दौरों में शामिल होने की बात कही।
बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत में उठे सवालों पर भी अंसारी ने बेबाकी से जवाब दिए। जब उनसे पूछा गया कि मजदूर जमीन पर बैठे थे और व्यवस्था क्यों नहीं थी, तो उन्होंने कहा कि जगह छोटी होने के कारण ऐसा हुआ, जबकि कुर्सियों की कमी नहीं है।
मीडिया द्वारा यह सवाल उठाने पर कि सात साल के कार्यकाल में उद्योगों के मजदूरों की आवाज क्यों नहीं उठाई गई, अंसारी ने जवाब दिया कि उन्होंने पहले भी कई जगह जाकर मजदूरों से मुलाकात की है और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने कहा कि मजदूर अक्सर दबाव में रहते हैं और शिकायत सामने नहीं लाते, क्योंकि उन्हें नौकरी से निकाले जाने का डर रहता है
अंसारी ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि इस बार इंटक संगठन ने लीगल एडवाइजर नियुक्त किया है। अब जिले के सभी उद्योगों, मिलों और फैक्ट्रियों को श्रम कानून के तहत नोटिस भेजकर मजदूरों की मजदूरी, बीमा, सुरक्षा और भविष्य निधि की पूरी जानकारी मांगी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने मीडिया को भी चुनौती देते हुए कहा कि जब संगठन दौरा करेगा तो पत्रकार भी साथ चलें और जहां मजदूरों के साथ अन्याय हो रहा है, उसे खुलकर सामने लाएं।
अंसारी ने आगे बताया कि एक मई के बाद सभी दौरों की सूचना पुलिस अधीक्षक, जिला श्रम अधिकारी और संबंधित थानों को दी जाएगी तथा सुरक्षा की मांग भी की जाएगी, ताकि किसी प्रकार का विवाद न हो। उन्होंने कहा कि इन दौरों में महिला पदाधिकारी भी शामिल होंगी, जिससे महिला मजदूरों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
अंत में अंसारी ने तीखा बयान देते हुए कहा कि मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ना आसान नहीं है। जिले में बड़े-बड़े नेता हैं, लेकिन कोई एक नाम बताएं जो गरीब मजदूरों के लिए इस तरह काम कर रहा हो। उन्होंने कहा कि सिर्फ दिखावे से जनसेवा नहीं होती, बल्कि जमीन पर काम करना जरूरी है।