नानी बाई के मायरा कथा से जया किशोरी ने दिया सामाजिक संदेश, भक्ति में डूबा बिलासपुर..“दुनिया का सबसे कठिन काम घर संभालना है और यह काम महिलाएं ही करती हैं” – जया किशोरी

डेली न्यूज़ टाइम्स... ( जिया उल्ला खान)....
बिलासपुर।
मिनोचा कॉलोनी में श्री प्रेम सेवा परिवार द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा एवं भजन कार्यक्रम के समापन दिवस पर विश्व विख्यात कथा वाचक जया किशोरी के भजनों और कथा से पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया। ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं भगवान मायरा लेकर बिलासपुर पधारे हों।
अंतिम दिन गाजे-बाजे के साथ जब श्री प्रेम सेवा परिवार के सदस्य मायरा लेकर कथा पंडाल पहुंचे, तो श्रद्धालु राधा-कृष्ण के भजनों पर झूम उठे। 56 प्रकार के व्यंजन, मिष्ठान और वैवाहिक भात सामग्री के साथ मायरा की रस्म पूरी की गई। जया किशोरी को चुनरी ओढ़ाकर मायरा अर्पित किया गया, जिसके बाद हजारों श्रद्धालु भक्ति गीतों पर नाचते-गाते नजर आए।
कथा में जया किशोरी ने नानी बाई के जीवन प्रसंग के माध्यम से बताया कि जब जीवन में विश्वास और सहारा नहीं मिलता, तब स्वयं भगवान अपने भक्त के लिए आगे आते हैं। उन्होंने द्वारका से भगवान श्रीकृष्ण के मायरा लेकर नानी बाई के ससुराल पहुंचने का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुन श्रद्धालु भावुक हो उठे।
महिलाओं के सम्मान और पारिवारिक मूल्यों का संदेश
जया किशोरी ने कहा कि “घर संभालना दुनिया का सबसे कठिन कार्य है और यह जिम्मेदारी महिलाएं निभाती हैं। समाज और परिवार की असली शक्ति महिलाएं ही हैं।”
उन्होंने परंपरा, रीति-रिवाज और भक्ति के साथ सामाजिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

समापन दिवस पर राज्य शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक धर्मजीत सिंह, पूर्व विधायक शैलेश पांडे, सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने पूजा-अर्चना कर जया किशोरी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
सड़क सुरक्षा का संदेश भी दिया
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत जया किशोरी ने युवाओं से यातायात नियमों का पालन करने, नशे से दूर रहने, हेलमेट-सीट बेल्ट के उपयोग और नाबालिगों को वाहन न चलाने देने की अपील की।

10 हजार से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल

तीन दिनों तक चले इस आयोजन में 10,000 से 12,000 श्रद्धालुओं ने कथा और भजन का लाभ लिया, जिसमें महिलाओं की भागीदारी सर्वाधिक रही। राधा-कृष्ण, वृंदावन, खाटू श्याम और होली भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।
श्री प्रेम सेवा परिवार ने जताया आभार
कथा के विश्राम के साथ श्री प्रेम सेवा परिवार ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों के निरंतर आयोजन का संकल्प लिया।
“सबसे बढ़िया छत्तीसगढ़िया” के जयघोष के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ।
— श्री प्रेम सेवा परिवार 🙏

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