डेली न्यूज़ टाइम्स... ( जिया उल्ला खान )....
रायपुर... रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय रायपुर के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की गई है। म्यूल बैंक अकाउंट संवर्धक, फर्जी सिम कार्ड विक्रेता, ब्रोकर और ऑनलाइन ठगी करने वालों के खिलाफ की गई इस संयुक्त कार्रवाई में कुल 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने ठगी से जुड़े लगभग 2 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में होल्ड (फ्रीज) कराए हैं, जिन्हें पीड़ितों को वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
यह कार्रवाई अमरेश मिश्रा, पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज के निर्देशानुसार रेंज साइबर थाना एवं रायपुर के विभिन्न थानों की 8 विशेष टीमों द्वारा की गई।
1236 शिकायतें, 174.5 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों के 1236 से अधिक मामलों में शिकायतें दर्ज हैं। ठगी से सीधे तौर पर 77.35 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ, जबकि आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए बैंक खातों में कुल 174.5 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन पाए गए हैं।
आरोपी अपने बैंक खातों को रेंट बेसिस पर या 10–20% कमीशन पर अन्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे।
म्यूल बैंक अकाउंट पर एकसाथ रेड, 25 आरोपी गिरफ्तार
साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्टेड म्यूल बैंक अकाउंट्स की जांच के दौरान बैंक ट्रांजेक्शन, फर्जी सिम, एक व्यक्ति के नाम पर कई खाते और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया।
इस चरण में रायपुर, दुर्ग, बलौदा बाजार और मध्यप्रदेश से 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के खातों में ठगी की रकम को तत्काल होल्ड कराते हुए पीड़ितों से संपर्क की प्रक्रिया शुरू की गई है।
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी: 2 आरोपी गिरफ्तार
ऑपरेशन साइबर शील्ड के अंतर्गत एक अन्य मामले में शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 44 लाख रुपये की ठगी करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इन आरोपियों से जुड़े बैंक खातों पर देश के 18 से अधिक थानों/साइबर सेल में शिकायतें दर्ज पाई गईं। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
फर्जी सिम कार्ड बेचने वाला आरोपी मध्यप्रदेश से गिरफ्तार
तीसरे मामले में फर्जी सिम कार्ड बेचकर साइबर अपराध को बढ़ावा देने वाले आरोपी रामकृष्ण कुशवाहा को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी प्री-एक्टिवेटेड सिम उपलब्ध कराता था, जिनका उपयोग म्यूल बैंक अकाउंट, टेलीग्राम रिव्यू टास्क, फर्जी ऑनलाइन जॉब, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, पहचान की चोरी जैसे अपराधों में किया गया।
अपराध का तरीका:
आरोपी ई-केवाईसी के दौरान डबल थंब स्कैन/आई ब्लिंक और डी-केवाईसी का दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम चालू करता था और इन्हें ऊंचे दामों पर साइबर अपराधियों को बेचता था।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार पूछताछ में कई अन्य नाम सामने आए हैं। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां की जाएंगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर, शेयर ट्रेडिंग ग्रुप, टास्क जॉब या केवाईसी अपडेट लिंक से सावधान रहें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।