डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान...
जिला जीपीएम....
जल संसाधन विभाग खारंग में ठेकेदार और विभागीय अधिकारी की मिलीभगत से मजदूर का मेहनताना न मिलने का मामला सामने आया है। मजदूर आकिब जावेद (निवासी गोरखपुर) ने आरोप लगाया है कि खारंग जल संसाधन विभाग में ठेकेदार P.N. इंटरप्राइजेज बिलासपुर द्वारा कराए जा रहे स्टॉप डेम कार्य में उनकी एग्जॉस्ट मशीन किराए पर लगाई गई थी, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी पूरा भुगतान नहीं किया गया।
मजदूर की शिकायत पर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों से बातचीत कर आपसी समझौते का प्रयास किया था, लेकिन ठेकेदार ने कई दिन टालमटोल के बाद भुगतान से साफ इंकार कर दिया।
अध्यक्ष अंसारी ने बताया कि —
“जब हमने ठेकेदार से बात की तो उसने कहा दो-चार दिन में पैसे दे दूंगा, लेकिन हफ्तों बीत गए और मजदूर को भुगतान नहीं किया गया। मजबूर होकर हमने मामला गौरेला थाने में शिकायत के रूप में भेजा। थाने से बुलावा आने के बाद भी ठेकेदार न तो हाज़िर हुआ और न ही किसी तरह का जवाब दिया।”
इदरीस अंसारी ने बताया कि जब उन्होंने विभाग के SDO चौहान से संपर्क किया, तो उन्होंने न तो कॉल रिसीव किया और न ही मजदूर का भुगतान कराया। वाट्सऐप पर पूरी जानकारी, बैंक स्टेटमेंट और भुगतान विवरण भेजने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई।
अंसारी का आरोप है कि —
“यह साफ है कि SDO चौहान और ठेकेदार P.N. इंटरप्राइजेज दोनों ने मिलीभगत कर मजदूर का पैसा हड़प लिया। विभाग का कर्तव्य होता है कि मजदूरों को उनका भुगतान सुनिश्चित करे, लेकिन यहां खुद अधिकारी चुप हैं।”
उन्होंने बताया कि अब पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जाएगा और मामले की विस्तृत जांच की मांग की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री से भी SDO चौहान को निलंबित करने की मांग की जाएगी।
इदरीस अंसारी ने कहा —
“सात साल में इंटक कार्यालय में हजारों मजदूरों के केस निपटाए हैं। लेकिन इस बार विभाग और ठेकेदार के गठजोड़ के कारण मजदूर को न्याय नहीं मिल पा रहा। अब यह लड़ाई पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री तक जाएगी।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्टॉप डेम निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग कर सरकारी धन की भी खुली लूट की गई है, जिसकी जानकारी मीडिया और जनता के सामने रखी जाएगी।
अब देखना होगा कि इंटक संगठन मजदूर का हक दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है और क्या विभागीय अधिकारी व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।