डेली न्यूज़ टाइम्स... ( जिया उल्ला खान )...
जिला जीपीएम...
जिला कार्यालय में मजदूरों के हित में एक बार फिर सराहनीय कार्य देखने को मिला। मजदूरों के मसीहा कहे जाने वाले इंटक के जिला अध्यक्ष ने आज दो अलग–अलग मामलों में आपसी समझौता कराते हुए मजदूरों की मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित कराया।
पहला मामला – मजदूर महेंद्र सिंह बनाम दुर्गेश सिंह (निवासी गोरखपुर):
दो दिन पहले मजदूर महेंद्र सिंह ने जिला कार्यालय इंटक में दुर्गेश सिंह द्वारा मजदूरी नहीं दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए इंटक अध्यक्ष इदरीश अंसारी ने दोनों पक्षों को कार्यालय बुलाकर उनकी बात सुनी।
दुर्गेश सिंह ने बताया कि मजदूर द्वारा काम अधूरा छोड़ दिया गया था, इसलिए उसने मजदूरी रोकी थी। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद इंटक अध्यक्ष ने तत्काल मजदूरों को बचा हुआ काम पूरा करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही मजदूर अपने साथियों के साथ दुर्गेश सिंह के घर पहुंचे और शेष कार्य पूरा किया।
काम पूरा होने के बाद दुर्गेश सिंह ने मजदूर की शेष मजदूरी 7,000 रुपये जिला कार्यालय इंटक में जमा कर दी। इसके बाद आज मजदूर महेंद्र सिंह को कार्यालय बुलाकर इदरीश अंसारी ने लिखित दस्तखत लेते हुए पूरी मजदूरी दिलाई।
दूसरा मामला – सारबहरा के मजदूर मिलन सिंह बनाम दाऊद खान:
दूसरे मामले में ग्राम सारबहरा के मजदूर मिलन सिंह ने मकान मालिक दाऊद खान के खिलाफ मजदूरी भुगतान को लेकर शिकायत की थी। शिकायत पर इंटक अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से बात कर मजदूर द्वारा किए गए काम की नाप–जोख करवाई। नाप–जोख और हिसाब–किताब के बाद यह सामने आया कि मजदूर को लगभग 52 हजार रुपये का भुगतान दाऊद खान से मिलना है।
इंटक अध्यक्ष इदरीश अंसारी ने मजदूर को तीन दिन बाद दोबारा कार्यालय बुलाया है और दाऊद खान को भी अपना हिसाब मिलान करने के लिए कल जिला कार्यालय तलब किया गया है, जिसके बाद मजदूर का पूरा भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।
इंटक अध्यक्ष की कार्यशैली बनी मिसाल:
इंटक अध्यक्ष इदरीश अंसारी की कार्यशैली की चर्चा आज केवल जिला जीपीएम ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में हो रही है। आमतौर पर इंटक संगठन उद्योग, फैक्ट्री और खदान क्षेत्रों में सक्रिय रहता है, लेकिन यह प्रदेश का पहला ऐसा जिला है जहां भारी उद्योग नहीं होने के बावजूद असंगठित मजदूरों के हित में इंटक लगातार सक्रिय है।
पिछले सात वर्षों से इदरीश अंसारी लगातार जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यालय संचालित कर मजदूरों को उनके हक और अधिकार दिलाने का कार्य कर रहे हैं। वे यह भी सुनिश्चित करते हैं कि यदि कोई मजदूर झूठी शिकायत करता है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच कराई जाती है। साथ ही यदि किसी ठेकेदार या मकान मालिक के साथ मजदूर गलत करता है, तो उनके साथ भी न्याय करते हुए आपसी समझौता कराया जाता है।
कानून दोनों पक्षों के लिए समान – इदरीश अंसारी:
मीडिया से बातचीत में जब इंटक अध्यक्ष से पूछा गया कि यदि कोई मजदूर पैसा लेकर काम अधूरा छोड़ दे तो उसके लिए क्या कार्रवाई होती है, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि
“कानून दोनों पक्षों के लिए समान है। अगर मजदूर पैसा लेकर काम नहीं करता है तो उसके खिलाफ भी उतनी ही सख्ती से कार्रवाई की जाती है। इंटक कार्यालय में किसी के साथ भेदभाव नहीं होता। शिकायत चाहे किसी के खिलाफ हो, जो गलत करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।”
इंटक अध्यक्ष की इसी निष्पक्ष कार्यशैली के कारण आज मजदूरों से लेकर आम नागरिकों तक का विश्वास संगठन पर लगातार मजबूत होता जा रहा है।