राजधानी रायपुर में खंडित हुई ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमा, पूरे प्रदेश में मच सकता हैँ बवाल, पूर्व CM बघेल ने सरकार पर साधा निशाना

डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान.. 
रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहचान और अस्मिता की प्रतीक “छत्तीसगढ़ महतारी” की प्रतिमा को राजधानी रायपुर में अज्ञात असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दिया। यह घटना तेलीबांधा क्षेत्र के प्रमुख चौक पर घटित हुई, जहां वर्षों से छत्तीसगढ़ महतारी की भव्य मूर्ति स्थापित है। प्रतिमा के खंडित होने की खबर फैलते ही राजधानी सहित पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर दौड़ गई है।


घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। लोगों ने कहा कि यह सिर्फ एक मूर्ति का टूटना नहीं है, बल्कि “छत्तीसगढ़ की अस्मिता और मातृभावना पर सीधा प्रहार” है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह जब लोग चौक से गुजरे तो देखा कि मूर्ति का एक हिस्सा टूटा हुआ है। इसकी जानकारी तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई। तेलीबांधा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति राज्य की आस्था से जुड़े प्रतीकों के साथ खिलवाड़ न कर सके।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से भी इस घटना के खिलाफ आवाज उठने लगी है। कई संगठनों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

 इस विषय पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए पोस्ट किया है 👇


स्थानीय नागरिकों ने कहा कि —

“छत्तीसगढ़ महतारी हमारे स्वाभिमान, संस्कृति और मातृभूमि की प्रतीक हैं। उनकी मूर्ति का खंडित होना हर छत्तीसगढ़वासी के दिल को चोट पहुंचाने वाला है। सरकार को चाहिए कि तुरंत इस घटना की जांच कर दोषियों को कठोर दंड दे।”

प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, प्रतिमा की मरम्मत और पुनः प्रतिष्ठा के लिए नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं।

यह घटना न केवल रायपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक है, क्योंकि “छत्तीसगढ़ महतारी” सिर्फ एक प्रतिमा नहीं बल्कि प्रदेश की आत्मा और पहचान का प्रतीक हैं।

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