जल संसाधन विभाग में मजदूर को काम से निकाला, चार माह की मजदूरी भी बकायाइंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने मामले की जांच के दिए निर्देश

डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान...

जिला जीपीएम...

जल संसाधन विभाग मरवाही में वर्षों से कार्यरत मजदूर निरंजन प्रसाद चौधरी ने अपने साथ अन्याय की शिकायत लेकर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिला कार्यालय का दरवाज़ा खटखटाया है।


मजदूर ने लिखित शिकायत में बताया कि वह सन 2000 से जल संसाधन विभाग में बांध का गेट खोलने और पानी वितरण का कार्य कर रहा था। लेकिन अचानक ही ईई कौशिक और सब-इंजीनियर पवन जयसवाल ने उसे बिना किसी पूर्व सूचना के काम से हटा दिया।

निरंजन चौधरी ने बताया कि न केवल उसे नौकरी से निकाल दिया गया, बल्कि चार माह की मजदूरी ₹36,800 का भुगतान भी नहीं किया गया है। मजदूर के अनुसार, कई बार पूछने के बावजूद अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया और भुगतान से साफ इंकार कर दिया।


इंटक अध्यक्ष ने जताई शंका, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

मजदूर की शिकायत सुनने के बाद इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा—

“अगर शिकायत सही पाई गई तो मजदूर को न्याय दिलाया जाएगा, लेकिन यदि झूठी निकली तो शिकायतकर्ता पर भी कार्रवाई होगी।”

अंसारी ने इंटक की टीम को आदेश दिया है कि निरंजन प्रसाद चौधरी ने जिन-जिन बांधों पर काम किया है, वहां से तीन दिन के भीतर पूरी जानकारी जुटाकर कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।

अंसारी ने यह भी कहा कि उन्हें ईई कौशिक पर पहले से कुछ शिकायतें मिली हैं।

“कौशिक के फोन न उठाने और काम में लापरवाही की शिकायतें पहले भी आई हैं। इस बार भी यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी,”
उन्होंने जोड़ा।

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