डेली न्यूज़ टाइम्स... जिया उल्ला खान
नई दिल्ली,
राजधानी दिल्ली के 8, पंडित पंत मार्ग स्थित केंद्रीय राज्य मंत्री माननीय श्री तोखन साहू जी के निवास पर आज एक महत्वपूर्ण मुलाकात संपन्न हुई। इस दौरान पार्षद श्री जय वाधवानी जी के प्रतिनिधि ने रेलवे में हो रही जनविरोधी व्यवस्थाओं को लेकर मंत्री महोदय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में दो प्रमुख मुद्दों को उजागर किया गया:
1. लीज बोगियों में मोटरसाइकिल की ढुलाई पर रोक
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि रेलवे द्वारा लीज पर दी गई पार्सल बोगियों में अब मोटरसाइकिल ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह फैसला न केवल आम यात्रियों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि इससे छोटे व्यापारी वर्ग, जो माल ढुलाई में रेल की सहायता लेते हैं, बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। मोटरसाइकिल ढुलाई बंद होने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग, जो दूरदराज में काम करते हैं, बेहद परेशान हैं। इसमें एक बड़ी समस्या उन छात्र छात्राओं को आयी है जो बाहर जाकर या यहाँ आकर पढ़ाई कर रहे, उन्हें अब अपनी टू व्हीलर को ट्रांसफर करने मे कठनाई हो रही है
2. ऑनलाइन भुगतान को अनिवार्य करना
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के वाणिज्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी श्री प्रवीण पाण्डेय द्वारा रेलवे टिकट, रिज़र्वेशन और पार्सल काउंटरों पर नकद भुगतान को पूरी तरह समाप्त कर केवल ऑनलाइन भुगतान को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे वे लोग जो डिजिटल तकनीक से परिचित नहीं हैं, विशेषकर बुजुर्ग, ग्रामीण, मजदूर वर्ग व छोटे व्यापारी, उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि यह निर्णय न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि यह संविधान में प्रदत्त नागरिक सुविधा के अधिकार का भी हनन है। जनता को डिजिटल माध्यमों के लिए प्रेरित करना अलग बात है, लेकिन ज़बरदस्ती केवल ऑनलाइन माध्यम थोपना लोकतांत्रिक भावना के विरुद्ध है।
मंत्री श्री तोखन साहू जी का आश्वासन
माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू जी ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे शीघ्र ही रेलवे बोर्ड से चर्चा कर इन समस्याओं का समाधान करवाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के तानाशाहीपूर्ण निर्णय लेने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में जनता को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मंत्री महोदय ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे जैसी जनसंपर्क वाली संस्था को जनता की सुविधा को प्राथमिकता देनी चाहिए, और किसी भी तकनीकी बदलाव को लागू करते समय आम जनता की जरूरतों और परिस्थितियों का ध्यान रखना चाहिए।
जनता की आवाज बुलंद करना ज़रूरी
यह मुलाकात जनप्रतिनिधियों की उस जिम्मेदारी को दर्शाती है, जिसमें वे आम जनता की समस्याओं को सही मंच पर उठाते हैं। पार्षद श्री जय वाधवानी जी के प्रतिनिधि द्वारा उठाए गए यह दोनों मुद्दे उन लाखों लोगों की आवाज हैं, जो रेलवे की इन नीतियों से प्रभावित हो रहे है