डेली न्यूज़ टाइम्स.... जिया उल्ला खान.....
भिलाई-। शहर के सुपेला थाना क्षेत्र स्थित सूर्या मॉल में देर रात पुलिस ने एक स्पा सेंटर पर दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की। इस छापेमारी में पुलिस ने 10 युवतियों और 3 युवकों को हिरासत में लिया है। मौके से कई संदिग्ध वस्तुएं भी जब्त की गई हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
बताया जा रहा है कि पुलिस को इस स्पा सेंटर में लंबे समय से अवैध गतिविधियों की शिकायत मिल रही थी। हालांकि, अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। लेकिन शुक्रवार रात की कार्रवाई ने एक बार फिर स्पा सेंटरों में चल रही गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिलासपुर। शहर में लगभग 30 से अधिक स्पा सेंटर संचालित होने के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस छापेमारी नहीं की गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार इनमें से कई केंद्रों में अनैतिक व संदिग्ध गतिविधियाँ होती आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि स्पा सेंटरों में काम करने वाली महिलाओं का कोई वैरिफिकेशन नहीं होता, न ही उनके दस्तावेजों की जांच की जाती है। कई मामलों में तो महिलाएँ काम पर लगी हुई दिखती ही नहीं, फिर भी केंद्र संचालित होते रहते हैं। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि इनकी आड़ में पर्याप्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो रहा है।
नगर निगम की लापरवाही और पुलिस की आलस्यपूर्ण कारवाई पर जनमानस नाराज है। नागरिक संगठन बार-बार शिकायत दर्ज करवा चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक निदर्शन के बजाए अब तक सिर्फ वादा-बाज़ी ही सुनने को मिली है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि बिना नियमित जांच के:
- इन केंद्रों में मानव तस्करी व सेक्स रैकेट का नेटवर्क फल-फूल सकता है
- कामगारों का मानवाधिकार व सुरक्षा अनदेखी रह सकती है
- युवा वर्ग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की भी संभावना रहती है
आवश्यक है कि बिलासपुर पुलिस और नगर निगम तत्काल संयुक्त टास्क फोर्स बनाएँ, जिसमें स्पा संचालकों के लाइसेंस, कर्मचारियों के दस्तावेज़ व सेंटरों के सुरक्षा मानदंडों की व्यापक जांच की जाए। इसके साथ ही समय-समय पर आउटरीच प्रोग्राम चलाकर आम लोगों को जागरूक करना अनिवार्य होगा।
अब जनता की निगाह बिलासपुर प्रशासन पर टिकी है—क्या शहर में स्पा सेंटरों की कानूनी दुर्गति रुक पाएगी, या फिर यह स्थिति और विकराल रूप ले लेगी?