डेली न्यूज़ टाइम्स....मोहम्मद शाकिब खान की रिपोर्ट.....
जिला जीपीएम.....
निमधा में आयोजित शिविर में 4207 आवेदनों के निराकरण की स्थिति से ग्रामीणों को कराया गया अवगत
*आवास, श्रम कार्ड, श्रवण यंत्र, जाति प्रमाण पत्र, गोद भराई एवं अन्नप्राशन से हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित*
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 07 मई 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार की महती कार्यक्रम सुशासन तिहार के तीसरे चरण का दूसरा समाधान शिविर मरवाही विकासखण्ड के कलस्टर ग्राम पंचायत निमधा के खेल मैदान में आयोजित किया गया। कलस्टर में शामिल पंचायतों से सुशासन तिहार में प्राप्त 4207 आवेदनों के निराकरण की स्थिति से ग्रामीणों को अवगत कराया गया। शिविर में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची, कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा एवं उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए। इस कलस्टर पंचायत में निमधा, पंडरी, सिवनी, मालाडांड़, पथर्री, चिचगोहना, चर्चेड़ी, मड़वाही, खुरपा, धरहर, नरौर, धोबहर, पोड़ी, करहनी पंचायत शामिल है।
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि मोर आवास-मोर अधिकार के तहत प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को आवास की चाबी देते हुए उन्हें बहुत ही सुकून मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता की योजना है। पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया था, लेकिन श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के तुरंत बाद सबसे पहले प्रदेश के 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किया। उन्होंने कहा कि आवास को लेकर किसी भी तरह की गड़बड़ी, हेरफेर, अनियमितता नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आवास से जुड़े विभाग एवं अधिकारियों-कर्मचारियों को सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने आवास योजना के क्रियान्वयन के संबंध में मुख्यमंत्री के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि आवास में अनियमितता की शिकायत मिलने पर कलेक्टर को भी नहीं छोड़ेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि शिविर का उद्देश्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना है। उन्होंने हितग्राहीमूलक योजनाओं और समस्याओं के समाधान में जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार में जिले में कुल 52 हजार आवेदन मिले हैं। इनमें से आज की स्थिति में 50 हजार 500 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। जिले में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर निराकरण किया जा रहा है। कुछ आवेदनों के निराकरण में समय लग सकता है। उन्होंने आवेदनों के निराकरण की जानकारी शिविर में देने तथा जो आवेदक शिविर में उपस्थित नहीं है, उन्हें व्यक्तिगत सूचना देने तथा सभी पंचायतों में आवेदनों के निराकरण की जानकारी रखने के निर्देश जनपद सीईओ को दिए। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे नया आवेदन भी शिविर में दे सकते हैं।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह ने भी शिविर को संबोधित किया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य ने बताया कि कलस्टर में शामिल पंचायतों के ग्रामीणों द्वारा पंचायत विभाग को 2742 आवेदन मिले हैं। इनमें 1116 आवेदन पीएम आवास के हैं, जिन्हें सर्वे सूची में शामिल कर लिया गया है। 526 आवेदकों द्वारा शौचालय निर्माण, 72 आवेदन पेंशन तथा 719 आवेदन मनरेगा के तहत विभिन्न मांगों के लिए प्राप्त हुआ है, जिनका निराकरण किया जा रहा है। शिविर स्थल पर पूर्ण पीएम आवास के तीन हितग्राहियों को आवास की प्रतिकात्मक चाबी दिया गया। चार हितग्राहियों को श्रम कार्ड, एक बालिका को श्रवण यंत्र, आंगनबाड़ी केन्द्र के तीन बच्चों को जाति प्रमाण पत्र एवं चार गर्भवती महिलाओं की गोद भराई एवं एक बच्चे का अन्नप्राशन तथा स्वस्थ होने पर आंगनबाड़ी के बच्चे को सम्मानित किया गया।
समाधान शिविर में सभी विभागों के अधिकारियों ने एक-एक करके अपने विभाग से संबंधित आवेदनों के निराकरण और निराकृत नहीं होने की स्थिति में कारण बताते हुए स्थिति से अवगत कराया। कुछ विभागों द्वारा आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं होने पर ऑनलाइन नहीं करने, राज्य स्तर पर निराकृत होने वाले आवेदनों को शासन-विभागाध्यक्ष को अग्रेषित करने, सोलर पैनल के लिए प्राक्कलन तैयार कर उच्च कार्यालय को बजट आबंटन हेतु प्रस्ताव भेजने आदि की जानकारी दी गई। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्री भंवर सिंह गोवास, श्रीमती बूंदकुंवर मास्को, श्रीमती नंदिनी आर्मो, कलस्टर में शामिल सभी पंचायतों के सरपंच, एसडीएम मरवाही प्रफुल्ल रजक, तहसीलदार प्रीति शर्मा, जनपद सीईओ विनय सागर, सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।