इंटरसेप्टर वाहन बना बिलासपुर पुलिस का हथियार, 10 हजार से अधिक प्रकरण दर्ज, 80 लाख से अधिक समन शुल्क वसूले

डेली न्यूज़ टाइम्स.... जिया उल्ला खान....



बिलासपुर,....
यातायात पुलिस बिलासपुर ने सड़क सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन पर नकेल कसते हुए बड़ी कार्यवाही की है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जिले को प्रदत्त इंटरसेप्टर वाहन के माध्यम से जुलाई 2024 से अब तक 10,000 से अधिक मामलों में चालानी कार्रवाई की गई है, जिससे 80 लाख रुपये से अधिक की समन शुल्क राशि वसूली गई है।


इंटरसेप्टर: एक वाहन, अनेक कार्य
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशों और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात के मार्गदर्शन में, इंटरसेप्टर वाहन को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया गया है। इसमें स्पीड राडार गन, स्पीडोमीटर, ब्रीथ एनालाइजर, प्रकाश तीव्रता मापक, कांच की पारदर्शिता जांच यंत्र और ध्वनि विस्तारक मापक यंत्र जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

गति सीमा का उल्लंघन हुआ महंगा
इंटरसेप्टर द्वारा नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और शहर की सड़कों पर तय गति सीमा से अधिक गति से चलने वाले वाहनों पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्पीड राडार के जरिए गति सीमा उल्लंघन पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 112/183(1) के तहत 1000 रुपये का ऑन-द-स्पॉट चालान जारी किया जा रहा है।

नशे में वाहन चलाने पर कड़ी कार्रवाई
ब्रीथ एनालाइजर और एल्कोमीटर की सहायता से नशे की हालत में वाहन चलाने वालों की पहचान कर, उन पर धारा 185 के तहत कार्रवाई की जाती है। ऐसे मामलों में चालकों को 10,000 से 20,000 रुपये तक समन शुल्क के साथ न्यायालयीन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, साथ ही उनका ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किया जाता है।

अवैध लाइट्स और साउंड सिस्टम पर सख्ती
वाहनों में लगाए गए अधिक तीव्रता वाले हेडलाइट्स, प्रेशर हॉर्न और मोडिफाइड साइलेंसर पर भी इंटरसेप्टर की नजर है। एम.वी. एक्ट की धारा 108 और 119(2)/177 के तहत इन पर जुर्माना वसूलते हुए वाहन से अवैध उपकरण तत्काल हटवाए जा रहे हैं। पुनः उल्लंघन पर प्रकरण न्यायालय भेजा जा रहा है, जिसमें 5000 से 10,000 रुपये तक जुर्माना हो सकता है।

ब्लैक फिल्म पर भी कार्रवाई
कई बार अपराधी वाहन की पहचान छिपाने के लिए कांच पर अपारदर्शी ब्लैक फिल्म लगाते हैं। इस पर यातायात पुलिस नियमित कार्रवाई करते हुए धारा 100/177 के अंतर्गत 2000 रुपये का समन शुल्क वसूल रही है। साथ ही ब्लैक फिल्म को मौके पर ही हटवाया जा रहा है।

डिजिटल चालान: वाहन चालकों की जेब पर सीधा असर
चाहे टू व्हीलर हो, थ्री व्हीलर या फोर व्हीलर, हर वाहन पर इंटरसेप्टर की ‘तीसरी आंख’ लगातार निगरानी रख रही है। नियम तोड़ते ही चालान सीधे मोबाइल पर पहुंच रहा है, जिससे किसी को भी कार्रवाई से बचना मुश्किल हो गया है।

यातायात पुलिस का निष्कर्ष
यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा अपनाई गई यह डिजिटल एवं तकनीकी पहल सड़क सुरक्षा के प्रति एक सशक्त कदम है। आमजन से अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, अन्यथा उन्हें न केवल आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा बल्कि उनके ड्राइविंग लाइसेंस पर भी प्रभाव पड़ सकता है।



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