जिया उल्ला खान
रायपुर
साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से नाबालिग पुत्री के शव को फेंक दिया था रोड के किनारे नाली में।
प्रकरण की गम्भीरत को देखते हुए एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टेकनिकल सहित 10 विशेष टीम का किया गया था गठन
रायपुर। खमतराई थाना में पुलिस को सूचना दिया कि खमतराई रांवाभाठा स्थित शेरे पंजाब ढ़ाबा के सामने रायपुर बिलासपुर रोड किनारे एक अज्ञात लड़की का शव पड़ा है, कि तस्दीक कार्यवाही हेतु एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना खमतराई पुलिस के हमराह स्टॉफ मौके पर पहुंचकर सूचक की रिपोर्ट पर घटना स्थल पर मर्ग कायम कर विवेचना में लिया गया। प्रथम दृष्टया एवं घटना स्थल निरीक्षण में पाया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मृतिका का गला दबाकर हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शेरे पंजाब ढ़ाबा पास रायपुर बिलासपुर रोड किनारे फेंक कर फरार हो गया था। जिस पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध खमतराई पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
इसी दौरान टीम के सदस्यों द्वारा शव की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा था जिस पर टीम के सदस्यों अज्ञात लड़की के शव के संबध में जानकारी प्राप्त हई और उक्त अज्ञात शव धनेली निवासी हमीदा की पुत्री रेशमा का होना पाया गया, जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा 2 जनवरी को सूचना की तस्दीकी हेतु धनेली स्थित हमीदा के निवास पहुंचे तो पाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रेशमा की माता हमीदा की भी हत्या कर फरार हो गया था।उक्त दोहरे अंधे कत्ल की घटनाओं को पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज रायपुर अमरेश मिश्रा तथा पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा गम्भीरता से लेते अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम संदीप मित्तल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन अमन झा, उप पुलिस अधीक्षक क्राईम संजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक परेश पाण्डेय एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट, थाना प्रभारी खमतराई तथा प्रभारी सिलतरा चौकी को अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। जिस पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम संदीप मित्तल एवं उप पुलिस अधीक्षक क्राईम संजय सिंह के नेतृत्व में ए.सी.सी.यू की टेकनिकल सहित 10 विशेष टीम का गठन किया गया। जिस टीम के सदस्यों द्वारा दोनो घटना स्थलो का निरीक्षण करने के साथ ही आस-पास के लोगो से भी घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई। टीम के सदस्यों द्वारा घटना स्थलों का निरीक्षण करते हुए उसके आस-पास के सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करते हुए घटना स्थल में उपस्थित सभी भौतिक साक्ष्यों का भी सूक्ष्मता से जांच किया गया।